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Wednesday, November 6, 2019

अपना वजूद खो रही अश्व प्रदर्शनी

लवी मेले में प्रचार-बजट की कमी बन रही रोड़ा, नहीं हो पा रहा प्रसार

रामपुर बुशहर – अंतरराष्ट्रीय लवी मेले से ठीक पहले रामपुर में आयोजित होने वाली अश्व प्रदर्शनी लगातार अपनी पहचान खोती जा रही है। यह उत्तर भारत की एकमात्र अश्व प्रदर्शनी है, जहां उम्दा नस्ल के घोड़ों की खरीद-फरोख्त होती है, लेकिन इसे विडंबना ही कहेंगे कि प्रदेश की इस एकमात्र अश्व प्रदर्शनी का सही ढंग से प्रचार-प्रसार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में भले ही इस प्रदर्शनी का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसकी जानकारी प्रदेश स्तर पर भी सही ढंग से नहीं हो पा रही है। अश्व प्रदर्शनी का पूरा जिम्मा पशुपालन विभाग के पास रहता है। इसकी जानकारी के लिए विभाग रामपुर व जिला शिमला स्तर पर कुछ पोस्टर व बैनर लगाकर अपना पल्ला झाड़ लेता है। बजट का अभाव भी मेले की विस्तृत जानकारी देने में बाधा बन रहा है।  लोगों का कहना है कि इस अश्व प्रदर्शनी का प्रचार-प्रसार बड़े स्तर पर होना चाहिए, ताकि बाहरी राज्यों से भी यहां पर घोड़ों के खरीददार आ सकें और वर्षों पुरानी इस मेले की विरासत को बरकरार रखा जा सके। अगर प्रदर्शनी का अच्छे से प्रचार-प्रसार हो पाता, तो बाहरी राज्यों में भी इस अश्व प्रदर्शनी की जानकारी होती और अवश्य ही यहां पर आए घोड़ा मालिकों को बड़ा फायदा हो पाता। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस अश्व प्रदर्शनी की अलग पहचान होती, लेकिन मौजूदा समय में यह अश्व प्रदर्शनी अपनी पहचान खोती जा रही है। जिस तरह से अश्व प्रदर्शनी को निपटाने तक विभाग सीमित रह गया है, उसे देखकर लगता है कि आने वाले समय में यह अश्व प्रदर्शनी मेले से भी समाप्त हो जाएगी।

उद्घाटन ही नहीं

लवी मेले के आरंभ में हर वर्ष तीन दिवसीय अश्व प्रदर्शनी आयोजित की जाती है। यह प्रदेश की एकमात्र अश्व प्रदर्शनी है, लेकिन हैरानी की बात है कि इस अश्व प्रदर्शनी का विधिवत उदघाटन नहीं होता। पशुपालन विभाग प्रदर्शनी की शुरुआत अश्वों के पंजीकरण से करते हैं।

चामुर्थी घोड़े होते हैं विशेष आकर्षण

अश्व प्रदर्शनी के दौरान लाहुल-स्पिती की पिन वैली से आने वाले चामूर्थी घोड़ों का व्यापार विशेष रूप से होता है। शीत मरूस्थल कहे जाने वाला चामूर्थी घोड़े पहाड़ी क्षेत्रों एवं विषम परिस्थितियों में भी भारी-भरकम भार के साथ सरपट दौड़ने में सक्षम होते हैं। इसलिए घोड़ों के जानकार चामूर्थी घोड़ा खरीदने ही यहां पहुंचते हैं।

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Courtsey: Divya Himachal

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