Monday, April 6, 2026

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मेहली बनेगा मॉडल सोलर विलेज - उपायुक्त

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मेहली बनेगा मॉडल सोलर विलेज - उपायुक्त 
एक करोड़ रुपए का पुरस्कार मिलेगा मॉडल सोलर विलेज को


पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए शिमला जिला की मेहली ग्राम पंचायत का चयन किया गया है।  पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में सोमवार को हुई।

 इस बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला की ग्राम पंचायत  मेहली को मॉडल सोलर विलेज के तौर पर तैयार किया जाएगा। योजना के तहत पहले दस गांवों का चयन किया था। इनमें त्याल, छकड़ैल, दत्त नगर, कितबाड़ी, परहेच, शिंगला, सराहन, कुमारसैन, बौंडा, और मेहली गांव शामिल थे।  गांवों की सारी औचारिकताएं पूरी करने के 28 फरवरी, 2026 तक समय दिया गया था। इनमें से केवल मेहली ग्राम पंचायत ही सारी औपचारिकताएं पूरी कर पाई। ऐसे में अब मेहली को एक करोड़ रुपए का पुरस्कार मिलेगा।
इस योजना के तहत अब तक जिला में 657 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं।  इनमें से 231 में इंस्टॉलेशन कार्य पूर्ण हो चुका है। इन से 803 किलोवाट सौर ऊर्जा की क्षमता होगी । इनमें से 231 का निरीक्षण कार्य पूरा हो चुका है। इनमें से 204 आवेदनों में सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है।
उपायुक्त ने कहा कि योजना के प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस योजना में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करके परिवारों को महत्वपूर्ण रूप से सशक्त बनाने की क्षमता है। पंचायतों को प्रत्येक सौर छत स्थापना के लिए 1,000 रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वह निवासियों के बीच सक्रिय रूप से जागरूकता फैलाएँ ताकि न केवल सौर ऊर्जा अपनाने को बढ़ावा मिले, बल्कि पंचायतों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन भी सुनिश्चित हो सके। इस बैठक में हिम ऊर्जा प्रोजेक्ट आफिसर अशोक शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

*एक करोड़ का पुरस्कार*
आदर्श सौर ग्राम घटक के अंतर्गत पूरे किए गए रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्रों की संख्या के आधार पर एक पंचायत का चयन किया, जिसमें सबसे अधिक सोलर रूफ टाॅप लगे होंगे। उस पंचायत का चयन आदर्श गाँव के आधार पर सौर ऊर्जा संवर्धन में उसके योगदान के लिए 01 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने में तेजी लाना है।

*योजना और पात्रता*
केंद्र सरकार द्वारा 29 फरवरी, 2024 को स्वीकृत पीएम सूर्य घर का उद्देश्य छतों पर सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाना और आवासीय घरों को अपनी बिजली स्वयं उत्पन्न करने में सक्षम बनाना है। इस योजना के तहत 2 किलोवाट तक की सौर इकाइयों की लागत पर 60 फीसदी और 2 किलोवाट से 3 किलोवाट तक की अतिरिक्त क्षमता पर 40 फीसदी सब्सिडी दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 3 किलोवाट है। तीन किलोवाट तक करीब 85 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाती है। आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए और उसके पास सौर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त छत वाला घर होना चाहिए। घर में वैध बिजली कनेक्शन भी होना चाहिए और आवेदक के परिवार ने पहले कभी सौर पैनल के लिए कोई अन्य सब्सिडी नहीं ली हो।

*प्रदेश में हिमऊर्जा और विद्युत विभाग कर रहा संचालन*
यह योजना हिमऊर्जा (हिमाचल प्रदेश ऊर्जा विकास एजेंसी) द्वारा संचालित तथा राज्य विद्युत विभाग के माध्यम से क्रियान्वित की जाती है। आवेदनकर्ता को आनलाईन आवेदन करना होता है। इसके बाद विद्युत विभाग आवेदनकर्ता को मंजूरी प्रदान करता है। इसके बाद आवेदनकर्ता को सोलर पैनल स्थापित करने के लिए वेंडर का चयन करना होता है तभी सोलर पैनल स्थापित होता है।

*ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम के क्या फायदे*
- उपभोक्ता को बिजली बिल में बचत।
- उपलब्ध छत की खाली जगह का उपयोग, अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता नहीं।
- ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों की अतिरिक्त जरूरत नहीं।
- टेल-एंड ग्रिड वोल्टेज में सुधार और सिस्टम कंजेशन में कमी।
- 1 किलोवाट सोलर पावर प्लांट से एक दिन में 3 से 4 यूनिट उत्पन्न कर सकते हैं।

Regards
DPRO Shimla

Sunday, April 5, 2026

शिक्षा मंत्री ने कुड्डू पंचायत में किए करोड़ों रुपए के उद्घाटन व शिलान्यास

क्रमांक 10/04                       शिमला 05 अप्रैल, 2026

शिक्षा मंत्री ने कुड्डू पंचायत में किए करोड़ों रुपए के उद्घाटन व शिलान्यास

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज जुब्बल उप मण्डल की सीमावर्ती पंचायत कुड्डू में करोड़ों की लागत से विभिन्न योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन किए जिसके अंतर्गत उन्होंने नढाल सड़क संपर्क का भूमि पूजन किया जिसका निर्माण 3 करोड़ 83 लाख रुपए से होना है। साथ ही उन्होंने 1 करोड़ 87 लाख रुपयों से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ढाडी रावत का उद्घाटन किया और बटाड़ गाँव वाले सामुदायिक भवन की आधारशिला भी रखी और इस भवन के निर्माण हेतू प्रथम चरण में 5 लाख रुपए भी जारी कर दिया गए है। 
शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय जनता को सम्बोधित करते हुए बताया कि कुड्डू पंचायत उनके विधानसभा क्षेत्र की उत्तराखंड राज्य के साथ लगती एक दूरस्थ पंचायत है और उनके विधानसभा क्षेत्र का एक अट्टु अंग है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान इस पंचायत में चहूंमुखी विकास हुआ है जिसके अंतर्गत विभिन्न सड़कों एवं भवनों का निर्माण हुआ है। उसी श्रृंखला में आज भी विभिन्न शिलान्यास और उद्घाटन हुए है। 
शिक्षा मंत्री ने बताया कि ग्राम पंचायत कुड्डू में 2025 में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान बहुत नुकसान हुआ था किन्तु सरकार द्वारा सभी प्रभावितों को तुरंत राहत पहुंचाई गई और मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया गया था। उन्होंने बताया कि जुब्बल नावर कोटखाई में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है जिसके अंतर्गत 550 करोड़ रूपये के विकासात्मक कार्य सड़क निर्माण और भवन निर्माण के क्षेत्र में किये जा रहे हैँ। 
शिक्षा के स्तर को सुदृढ़ और गुणवतायुक्त शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शिक्षा के क्षेत्र में भी 9666 करोड़ के बजट का प्रावधान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए किया गया है, जिसके तहत शिक्षा के आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जायेगा ताकि प्रदेश के प्रत्येक छात्र को गुणवतायुक्त शिक्षा घर द्वारा पर उपलब्ध हो सके। 
रोहित ठाकुर ने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए बताया कि कोटखाई में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति मिलना एक बढ़ी उपलब्धि है और इस संस्थान के बनने से जहाँ एक ओर शिक्षा के स्तर में वृद्धि होगी वहीं स्थानीय छात्र-छात्राओं को भी गुणवतायुक्त शिक्षा घरद्वार पर ही उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही रोज़गार का सृजन भी होगा। इस वर्ष से छात्रों का प्रवेश भी आरम्भ कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार शिक्षा के सुदृढ़ीकरण और उन्नयन हेतू प्रतिबद्ध है और निरंतर प्रभावी निर्णय ले रही है जिसके अंतर्गत हज़ारों की संख्या में शिक्षकों की भर्ती, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का विदेश भ्रमण, अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा और पौष्टिक आहार योजना इत्यादि शामिल है। इसके अतिरिक्त 151 स्कूलों को सीबीएसई से भी सम्बद्ध किया गया है। 
इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं का समाधान किया। 
इस अवसर पर राणा साहब ढाडी राणा सुरेन्द्र, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष कंवर महेंद्र सिंह, पूर्व उप प्रधान कामेश्वर ठाकुर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष दीपक काल्टा, पूर्व पंचायत प्रतिनिधि एवं कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी सहित उपमंडलाधिकारी जुब्बल गुरमीत नेगी, बीडीओ जुब्बल करण सिंह एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। 
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Regards
DPRO Shimla
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Saturday, December 13, 2025

Himachal Pradesh Congress Guarantees: Promise vs Reality | Will They Be Fulfilled?

Himachal Pradesh Congress Guarantees: Promise vs Reality | Will They Be Fulfilled?

Himachal Pradesh Congress Government Guarantees: Promise vs Reality

Keywords: Himachal Pradesh Congress guarantees, HP Congress promises, OPS Himachal, free electricity 300 units, Himachal jobs promise


Introduction

During the 2022 Himachal Pradesh Assembly elections, the Indian National Congress presented a set of bold and emotionally appealing guarantees, popularly known as the “10 Guarantees”. These promises targeted youth unemployment, women empowerment, farmer distress, government employees, and rising household expenses.

The guarantees played a decisive role in electoral victory. However, governance begins where campaigning ends. More than two years later, citizens are asking a legitimate question:

Are these guarantees genuinely being fulfilled, or are they being quietly diluted under administrative and financial pressure?

This article provides a fact-based yet critical examination of the Congress government’s guarantees, separating political messaging from on-ground execution.


Major Congress Election Guarantees

  • 5 lakh jobs for youth, including 1 lakh government jobs
  • 300 units of free electricity to every household
  • Restoration of Old Pension Scheme (OPS)
  • Monthly financial assistance to women
  • ₹680 crore Rajiv Gandhi Startup Fund
  • Milk procurement and cow-dung purchase schemes
  • Improved MSP and support for apple farmers
  • Mobile health clinics and education reforms

Promise vs Reality: A Clear Comparison

Guarantee Promise Made Ground Reality Status
Government Jobs 1 lakh jobs immediately Limited recruitment, mostly contractual Partial
300 Units Free Electricity Universal free power Capped/conditional subsidy Partial
Old Pension Scheme Full restoration Phased, conditional implementation Partial
Women Monthly Allowance Universal benefit Limited rollout / delayed Unclear
Startup Fund ₹680 crore support Scheme launched Implemented
Farmer Support Guaranteed procurement Limited scope, logistical issues Partial

Critical Analysis: Why Full Implementation Is Difficult

1. Fiscal Reality of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh is a hill state with limited revenue sources and high per-capita service delivery costs. Welfare-heavy guarantees increase recurring expenditure without proportional revenue growth.

2. Employment Promises vs Budget Capacity

Creating permanent government jobs requires long-term salary and pension commitments. Large-scale recruitment without financial backing risks pushing the state into fiscal stress.

3. Welfare vs Sustainability

Free electricity and cash transfers are politically attractive but economically sensitive. Without clear funding models, such schemes tend to shrink quietly over time.

4. Political Messaging vs Administrative Execution

Announcing a scheme is politically rewarding. Executing it across a geographically challenging state like Himachal requires systems, manpower, and time — often underestimated during campaigns.


Will the Remaining Guarantees Be Fulfilled?

Based on current trends:

  • High likelihood: Startup schemes, selective welfare programs
  • Medium likelihood: OPS (with conditions), targeted subsidies
  • Low likelihood: Mass permanent government jobs, universal free electricity

The government may fulfill guarantees in name and form, but not always in scale and spirit.


Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. Has Congress fulfilled all 10 guarantees in Himachal Pradesh?

No. Some guarantees are partially implemented, some are modified, and some remain pending.

Q2. Is OPS fully restored?

OPS restoration is selective and phased. Long-term financial sustainability remains a concern.

Q3. Are 300 units of free electricity truly free?

The benefit is capped and conditional. It is not an unconditional universal free supply.

Q4. Why do governments dilute election promises?

Fiscal limitations, administrative challenges, and competing priorities force governments to modify promises.


Conclusion

The Congress government in Himachal Pradesh entered office with ambitious guarantees that resonated strongly with voters. While some progress is visible, full-scale implementation remains constrained by economic reality.

Guarantees have evolved from bold promises into negotiated compromises. Voters must judge not just announcements, but delivery, transparency, and sustainability.

In democracy, accountability does not end at elections — it begins there.


हिंदी संस्करण (Hindi Version)

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सरकार की गारंटी: वादा बनाम हकीकत

2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल प्रदेश की जनता से 10 गारंटियाँ की थीं। इन गारंटियों ने सत्ता परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

लेकिन दो वर्षों के शासन के बाद सवाल यह है कि: क्या ये गारंटियाँ वास्तव में पूरी हुई हैं या सिर्फ कागज़ों तक सीमित हैं?

मुख्य गारंटियाँ

  • 5 लाख नौकरियाँ
  • 300 यूनिट मुफ्त बिजली
  • पुरानी पेंशन योजना (OPS)
  • महिलाओं को मासिक सहायता
  • युवा स्टार्टअप फंड
  • किसान और पशुपालक सहायता

वास्तविक स्थिति

कुछ योजनाएँ शुरू की गई हैं, लेकिन अधिकांश गारंटियाँ या तो आंशिक हैं या सीमित दायरे में लागू हुई हैं।

निष्कर्ष

कांग्रेस सरकार की मंशा पर सवाल नहीं है, लेकिन वित्तीय सच्चाई यह है कि सभी वादे पूरी तरह निभाना कठिन है।

जनता को अब नारों से नहीं, परिणामों से सरकार को आंकना होगा।

— लेख समाप्त

Monday, May 19, 2025

शिक्षा मंत्री 21 को धनसार तथा 23 को जीपी बरथाटा के प्रवास पर 

क्रमांक 37/03                शिमला, 19 मई 2025

शिक्षा मंत्री 21 को धनसार तथा 23 को जीपी बरथाटा के प्रवास पर 

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर 21 और 23 मई, 2025 को कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर रहेंगे। यह जानकारी आज यहां एक सरकारी प्रवक्ता ने दी। 
उन्होंने बताया कि रोहित ठाकुर 21 मई को प्रातः 11 बजे  धनसार में ग्राम पंचायत झाल्टा के शिलोली संपर्क मार्ग का उद्घाटन करेंगे।  इसके उपरांत वह पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और जनता की शिकायतें सुनेंगे। 
शिक्षा मंत्री 23 मई को प्रातः 11 बजे ग्राम पंचायत बरथाटा के गरुंग में केलवी गरुंग बलाई सड़क का  उद्घाटन करेंगे। इसके उपरांत वह पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और जनता की शिकायतें सुनेंगे। इसके पश्चात वह दोपहर 1 बजे बलाई में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और जनता की शिकायतें सुनेंगे।
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ननहार पंचायत में 30 मई को होगा सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम - उपायुक्त

क्रमांक 36/05                                                       शिमला, 19 मई, 2025

ननहार पंचायत में 30 मई को होगा सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम - उपायुक्त
- शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर करेंगे कार्यक्रम की अध्यक्षता
- कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन

सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम जिला की चौपाल विधानसभा के तहत ननहार पंचायत में 30 मई को आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर करेंगे।
 उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर विशेष बैठक का आयोजन किया।
बैठक में उपायुक्त ने एसडीएम चौपाल को निर्देश दिए कि आगामी दो दिनों में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के लिए स्थान चयनित करें। इसके अलावा उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए है कि कार्यक्रम के दौरान सभी की मौजूदगी अनिवार्य है। जो आदेशों की पालना नहीं करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि सभी विभाग अपने अपने विभाग में चल रही विभिन्न सरकार की योजनाओं के बारे में लोगों को कार्यक्रम से पूर्व जागरूक करें। इसके अलावा योजना के क्रियान्वयन की यथास्थिति भी रखेंगे।
सरकार गांव के द्वार से पूर्व सिविल डिफेंस कैंप और आपदा जागरूकता शिविर का भी आयोजन होगा। इसके  साथ कार्यक्रम के दौरान सभी विभागों की प्रदर्शनी, स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल, मेडिकल कैंप, आदि लगाए जाएंगे।
होनहार विद्यार्थियों को किया जाएगा सम्मानित
बैठक में फैसला लिया गया है कि क्षेत्र के स्कूली विभिन्न परीक्षाओं में होनहार विद्यार्थियों को सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया जाएगा ताकि होनहार विद्यार्थियों को हौंसला बढ़ सके और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्ररेणा बन सके। पहली बार  सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
चौपाल में मेडिकल बोर्ड बेठेंगा
चौपाल अस्पताल में आगामी कुछ दिनों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल बोर्ड बेठेंगा। ताकि चौपाल विधानसभा क्षेत्र के दिव्यांग लोगों को प्रमाण पत्र वहीं पर जारी हो सके। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को शिमला आना पड़ता है। सरकार गांव के दौरान कार्यक्रम से पूर्व ही बोर्ड अस्पताल में बैठगा। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को लाभ प्राप्त होगा।
ऑनलाइन होंगी शिकायतें अपलोड
सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के दौरान प्राप्त जन शिकायतें इस बार मुख्यमंत्री सेवा संकल्प 1100 पर अपलोड की जाएगी। इससे पहले ये शिकायतें यहां पर अपलोड नहीं की जाती थी। लेकिन प्रदेश सरकार के आदेशों के अनुसार इस बार इस योजना को लागू किया जा रहा है। ताकि  शिकायतों के निदान की ट्रैकिंग आसानी हो सके।  कार्यक्रम में प्राप्त शिकायतों पर 7 दिनों के भीतर कारवाई रिपोर्ट बनाई जाती है।
सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता
सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम से पूर्व ननहार और  झीना पंचायत में परिवहन विभाग की ओर से स्कूलों, शिक्षण संस्थानों सहित गांव स्तर पर सड़क सुरक्षा जागरूकता का विशेष अभियान लगाने के निर्देश उपायुक्त ने दिए।
ये रहे मौजूद
इस दौरान अतिरिक्ति उपायुक्त अभिषेक वर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एंव व्यवस्था) पंकज शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल) ज्योति राणा, जिला राजस्व अधिकारी संजीत शर्मा सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।

Saturday, May 17, 2025

जिला शिमला के समस्त शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित की गयी इएलसी गतिविधियां

क्रमांक 34/05                                                              शिमला, 17 मई, 2025

जिला शिमला के समस्त शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित की गयी  इएलसी गतिविधियां 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हिमाचल प्रदेश के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आज जिला शिमला के समस्त शैक्षणिक संस्थानों में  'इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC)' गतिविधियों का आयोजन किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि हर महीने के तृतीय शनिवार को जिला के सभी शिक्षण संस्थानों में 'इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC)' की गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य युवा मतदाताओं और विद्यार्थियों में चुनावी प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) शिक्षण संस्थानों में स्थापित विशेष इकाईयाँ हैं, जो विद्यार्थियों और युवाओं को मतदाता शिक्षा, चुनावी प्रक्रिया, और लोकतांत्रिक अधिकारों व कर्तव्यों के बारे में जागरूक करने का कार्य करती हैं। इन क्लबों के माध्यम से विभिन्न गतिविधियाँ जैसे संगोष्ठियाँ, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएँ, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर मेकिंग, और मतदाता पंजीकरण अभियान आयोजित किए जाते हैं। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को मतदान के महत्व, मतदाता सूची में पंजीकरण की प्रक्रिया, और चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता के बारे में जानकारी प्रदान करना है। प्रत्येक माह के तृतीय शनिवार को सभी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, और अन्य शिक्षण संस्थानों में ELC की गतिविधियाँ आयोजित करना अनिवार्य होगा। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों को मतदाता जागरूकता से संबंधित रोचक और शैक्षिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से 18 वर्ष से अधिक आयु के उन विद्यार्थियों को लक्षित किया जाएगा जो अभी तक मतदाता सूची में पंजीकृत नहीं हैं। इसके लिए संस्थानों को विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सभी उपमंडलाधिकारियों (SDM), जो संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी हैं, को इन गतिविधियों के सफल आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अतिरिक्त, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, नायब तहसीलदार (निर्वाचन), और निर्वाचन कानूनगो को भी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में इन कार्यक्रमों की निगरानी और समन्वय करने के लिए निर्देशित किया गया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, उच्च शिक्षा उपनिदेशक, और सभी आईटीआई संस्थानों के प्राचार्यों को भी अपने संस्थानों में ELC इकाइयों को सक्रिय करने और छूटे हुए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के लिए कहा गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हिमाचल प्रदेश तथा जिला निर्वाचन अधिकारी (उपायुक्त) स्वयं इस पहल की प्रगति का अवलोकन करेंगे और समय-समय पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों का दौरा कर ELC गतिविधियों का मूल्यांकन करेंगे। जिससे इन गतिविधियों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करेगा, बल्कि शिक्षण संस्थानों को और अधिक सक्रियता के साथ इस दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
उपायुक्त ने बताया कि इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) की गतिविधियाँ मतदाता जागरूकता को बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि युवा पीढ़ी को लोकतंत्र के प्रति जवाबदेह और सक्रिय नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह प्रयास नई पीढ़ी को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने, मतदान के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने, और लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। जिला निर्वाचन अधिकारी (उपायुक्त), शिमला ने सभी शिक्षण संस्थानों और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि वे मतदाता भागीदारी को बढ़ाने और लोकतंत्र की जड़ों को और गहरा करने की दिशा में सहयोग करते हुए इस पहल को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करें।
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एसडीएम मानसून की तैयारियों के अपने-अपने क्षेत्र में बनाए प्लान - उपायुक्त

क्रमांक 33/05                                                              शिमला, 17 मई, 2025

एसडीएम मानसून की तैयारियों के अपने-अपने क्षेत्र में बनाए प्लान - उपायुक्त 

जिला में मानसून की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आज यहां उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग, नगर निकायों को निर्देश दिए गए कि अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में नालियों में बरसात के दिनों में पानी की निकासी सुचारू रखने के लिए कार्य करें। डीडीएमए, आईएमडी, डैम प्रबंधन सहित विद्युत विभाग को आपदा के समय सूचना तंत्र को प्रभावी रखने के निर्देश दिए। सभी उपमंडल दंडाधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आपदा संवेदनशील क्षेत्रों का चयन करें। इसके अलावा, आवश्यक वस्तुओं के भंडारण को लेकर भी विस्तृत तैयारियां की जाए।
जिला में रिलीफ और रेस्क्यू टीम का गठन एवं तैनाती की जाएगी। आपदा के समय सभी पैरामिलिट्री फोर्सेज के साथ समन्वय स्थापित करें। इसके अतिरिक्त, आपदा से हुए नुकसान की रिपोर्टिंग तुरंत करने की प्राथमिकता सुनिश्चित करें। मानसून के समय ट्रैकिंग व धार्मिक यात्राओं के लिए नियमों का पालन सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि सभी एसडीएम आपदा के समय तुरंत करवाई करने की कार्यशैली को अपनाए। रेस्क्यू और रिलीफ कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं होगी। अगर किसी भी प्रकार की देरी पाई गई तो इसके लिए संबंधित क्षेत्र का एसडीएम ही जिम्मेदार होगा। उपमंडल स्तर पर सूचना तंत्र मजबूत करने की दिशा में एसडीएम कार्य करें ताकि प्रशासन के पास सही और तुरंत सूचना पहुंच सके। मानसून की तैयारियों को लेकर सभी एसडीएम अपने-अपने स्तर पर जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे ताकि एडवांस में प्रशासन और जनता सतर्क रह सके। वहीं सभी एसडीएम को आपदा से निपटने के लिए विशेष प्लान बनाने के निर्देश दिए गए।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि आपदा के समय पुनर्वास के लिए मदद करने वाली एनजीओ और समाजसेवियों से अपील है कि संबंधित एसडीएम और प्रशासन के दिशानिर्देशों के अनुसार ही सहयोग करें। उन्होंने कहा कि इस वजह से अधिकांश समय प्रभावितों तक एक समान लाभ मिलने में दिक्कत पेश आती है। प्रशासन के सहयोग से जब एनजीओ सहायता प्रदान करती है तो सबको एक समान लाभ मिल पाता है।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी संजीत शर्मा सहित सभी उपमंडलाधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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एफआरए मामलों पर चर्चा

वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) को लेकर समीक्षा बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में गई। इसमें विभिन्न मामलों में वन अधिकार अधिनियम को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त, अन्य कई मामलों को लेकर फिर से विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके समिति के समक्ष रखेंगे।
इस बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा, एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, एसडीएम शहरी ओशिन शर्मा, एसडीएम रोहड़ू धर्मेश, डीएफओ पवन कुमार, जिला परिषद सदस्य उज्जवल सैन मेहता, कौशल मुंगटा और लता वर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

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राजस्व मामलों का तीव्रता से करें निपटारा - उपायुक्त

जिला में राजस्व मामलों को लेकर विशेष समीक्षा बैठक का आयोजन उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में किया गया। इसमें लंबित मामलों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि लंबित मामलों के निपटारे के लिए सभी एसडीएम प्राथमिकता के आधार पर कार्य करें। लंबित मामलों की औपचारिकताएं पूरी करने में देरी कतई बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से भी कुछ मामले लंबित हैं और यह एक चिंताजनक विषय है। फील्ड स्टाफ और अधिकारी ऐसे मामलों को लेकर विशेष ध्यान दें। इसके साथ ही सभी राजस्व अधिकारी भूमि की रजिस्ट्री के मामलों को क्रॉस वेरीफाई अवश्य करें। 
उपायुक्त ने जिला में भूमि अतिक्रमण के मामलों को लेकर राजस्व अधिकारियों के लापरवाह भरे रवैये पर चिंता जाहिर की है। उपायुक्त ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रियान्वयन के लिए मौजूदा स्थिति अवश्य रखे।
जिला राजस्व अधिकारी संजीत शर्मा ने कहा कि जमाबंदियों को तय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में लंबित जमाबंदियों की स्टेट्स रिपोर्ट जल्द से जल्द जिला कार्यालय को दें।
इस बैठक में जिला के सभी उपमंडलाधिकारी मौजूद रहे।
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