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Saturday, November 3, 2018

दवाइयों पर साइड इफेक्ट ज़रूर लिखें

मेडिसिन की पैकिंग पर देनी होगी जानकारी, केंद्रीय नियामक की कवायद

बीबीएन – दवा कंपनियों को आने वाले दिनों में गंभीर रोगों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली लूरोक्विनोलोंस गु्रप की कुछ खास दवाओं की पैकिंग पर साइड इफेक्ट की चेतावनी अनिवार्य रूप से देनी होगी। केंद्रीय दवा नियामक ने इस दिशा में कदमताल शुरू कर दी है। बतातें चलें कि पेट के संक्रमण, दमा सहित अन्य गंभीर रोगों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के खतरनाक साइड इफेक्ट होने क ी जानकारियां सामने आने के बाद केंद्रीय नियामक ने इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक ये दवाएं जिस ग्रुप में आती हैं, उनके खतरनाक साइड इफेक्ट का पता लगा है। इसी कड़ी में दवा नियामक ने इन दवाओं को लेकर चेतावनी जारी कर दी है। लूरोक्विनोलोंस गु्रप की दवाओं पर चेतावनी जारी करते हुए केंद्रीय दवा नियामक ने राज्य के दवा नियामकों को भी चिट्ठी लिखी है। वहीं यूरोपियन ड्रग रेगुलेटर और यूएसएफडीए भी एहतियाती कदम उठाने में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी ने इन दवाओं पर बैन की सिफारिश की है। इस ग्रुप की दवा खाने से मरीज को एकाग्रता में कमी जैसी दिक्कत हो सकती है, वहीं पहचानने की क्षमता में कमी भी आ सकती है।

स्टिकर लगे फल-सब्जियां खतरनाक

फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने स्टिकर लगे फल-सब्जियां को सेहत के लिए खतरनाक बताते हुए हिदायतें जारी की हैं। अथॉरटी द्वारा जारी एडवाइजरी में ग्राहकों को स्टिकर लगे फल-सब्जी नहीं खरीदने की सलाह दी गई है। एफएसएसएआई के मुताबिक स्टिकर का गुणवत्ता से कोई लेना-देना नहीं। उलटे इसके गोंद में मौजूद खतरनाक कैमिकल सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। एफएसएसएआई ने व्यापारियों को भी फल-सब्जियों पर स्टिकर नहीं लगाने को कहा है। स्टिकर लगाकर ब्रांड का नाम, बेस्ट क्वालिटी, ओके टेस्टेड या पीएलयू कोड लिखने की इजाजत सरकार भी नहीं देती है। अथॉरिटी ने कहा है कि बाजार खासकर बड़े रिटेल शॉप्स पर स्टिकर लगा सामान ज्यादा दिखता है, क्योंकि मात्र अच्छी गुणवत्ता का सामान ही बेचने की इजाजत है, इसलिए स्टिकर लगाकर ग्राहकों को भ्रमित नहीं करना चाहिए। कई बार फलों की खराब क्वालिटी छिपाने के लिए भी स्टिकर लगा दिए जाते हैं।

ये दवाइयां खाने से जा सकती है आपकी याद्दाश्त

लूरोक्विनोलोंस गु्रप की दवा खाने से नर्वसनेस, झल्लाहट, याद्दाश्त में कमी जैसी समस्या पैदा होने के अलावा नर्वस सिस्टम, ब्लड शुगर, मसल्स पर भी इनका बुरा प्रभाव पड़ सकता है। बता दें कि ओरल, इंजेक्शन और इनहेलर्स में इनका इस्तेमाल होता है, जिसे मद्देनजर रखते हुए लूरोक्विनोलोन्स ग्रुप की दवा की पैकिंग में बदलाव के लिए कदमताल शुरू हो गई है।

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Courtsey: Divya Himachal
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