हिमाचल शिक्षक मंच ने सरकार के फैसले का किया समर्थन
धर्मशाला – हिमाचल शिक्षक मंच ने शिक्षा विभाग व प्रदेश सरकार की प्रधानाचार्य के पदों पर 25 प्रतिशत की सीधी भर्ती की प्रस्तावित नीति का सैद्धांतिक तौर पर समर्थन किया है। मंच के संयोजक सदस्यों में अश्वनी भट्ट, संजय मोगू, अनीश बन्याल, संजीव राणा, तपिश थापा, विजय, शमशेर भंडारी, अमित शर्मा व अजय चौधरी का कहना है कि प्रदेश सरकार का प्रस्ताव स्वागत के योग्य है। इससे योग्य व नौजवान व्यक्तियों को शिक्षा विभाग की सेवा करने का मौका मिलेगा। केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों में भी प्रधानाचार्य के पदों पर सीधी भर्ती होती रहती है। मंच के अनुसार सीधी भर्ती से चुने गए प्रधानाचार्यों के पास कार्य करने के लिए ज्यादा लंबा समय होगा, जिससे वह त्वरित निर्णय ले सकेंगे। मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के सभी विभागों में सीधी भर्ती व पदोन्नति दोनों ही तरीकों से पदों को भरने का प्रावधान है, परंतु शिक्षा विभाग में इसकी कमी रही है। विभाग में वर्ष 2012 में सीधी भर्ती से मुख्याध्यापकों का चयन किया गया था, परंतु कुछ शिक्षकों के दबाब के कारण सरकार ने इस नीति को फिर बंद कर दिया था। मंच ने सुझाव दिया है कि एचएएस अधिकारियों के प्रोवेशन समय के सेवाकाल में उन्हें वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में कुछ समय के लिए नियुक्त किया जाए, ताकि वे भी शैक्षणिक व्यवस्था को गहराई से समझ सकें, और बाद में जब वे शिक्षा के संबंध में नीतियां बनाएं, तो उन्हें जमीनी समस्याओं की समझ हो। मंच ने प्रदेश सरकार को यह सुझाव भी दिया है कि सीधी भर्ती की नीति के भर्ती नियमों को बनाते समय अध्यापकों से विचार-विमर्श किया जाए। साथ ही इस नीति के तहत न केवल प्रधानाचार्य, बल्कि सीएचटी, बीपीईओ, मुख्याध्यापक, प्राचार्य कालेज के पदों को भी भरा जाए। मंच ने ऐलान किया है कि वह सरकार के इस कदम के साथ खड़ा है, और शीघ्र ही मंच का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से मिल कर उन्हें इस नीति को शीघ्र अमल में लाने के लिए सुझावों सहित ज्ञापन सौंपेगा।
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Courtsey: Divya Himachal
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