शिमला – नगर निगम शिमला द्वारा वित्त वर्ष 2018-19 का बजट पेश किया जाएगा। जिसको लेकर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी तैयारियों में जुट गए हैं। नगर निगम शिमला की सातवीं निर्वाचित निगम का यह पहला बजट है। वह भी ऐसे समय में जब निगम व राज्य में दोनों में भाजपा सरकार है। ऐसे में शहरों में जनता को क्या कुछ नया मिलेगा। इस पर अभी से जनता की नजरें टिकी हुई हैं। हाल ही में डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन के दामों में बढ़ोत्तरी की गई है। इसके अलावा निगम सदन में प्रापर्टी टैक्स बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव भी आया था। हालांकि प्रापर्टी टैक्स बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव पारित नहीं हुआ है। मगर इस पर कमेटी का गठन हुआ है। ऐसे में जनता यह भी आशा कर र ही है कि इस बजट में निगम को सरकार की ओर से पूरा सहयोग मिले और जनता पर किसी तरह के टैक्स का बोझ न पड़े। छठी निर्वाचित निगम ने वर्ष 2017-18 के लिए 401 करोड़ 67 लाख 27 हजार रुपए का बजट पेश किया था। जो छठी निर्वाचित निगम का पहला सरप्लस बजट था। छठी निर्वाचित निगम के इससे पहले के बजट घाटे के पेश किए गए थे। ऐसे में शहर की जनता नई निगम से ऐसे बजट के लिए इंतजार में है जिसमें शहर के विकास के साथ-साथ जनता पर किसी भी तरह का कोई टैक्स न ले।
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