गेयटी थियेटर में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर कवि सम्मेलन
शिमला – गेयटी थियेटर शिमला में स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस व लोहड़ी की पूर्व संध्या पर भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला शिमला द्वारा गेयटी सेमिनार कक्ष में बहुभाषी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। विभाग के संयुक्त निदेशक राकेश कौरला ने बतौर मुख्यातिथि उपस्थित हुए तथा प्रो. आरडी शर्मा ने कवि सम्मेलन की अध्यक्षता की। सम्मेलन में जिला के 22 कवियों ने भाग लेकर विभिन्न विषयों पर अपनी कविताएं प्रस्तुत की। युवा कवयित्री शिल्पा भाटिया ने अपनी कविता अर्थी की तिथि प्रस्तुत करते हुए कहा कि कचहरी के कागजात में दर्ज हुआ तो पता चला और लोगों की अर्थी उठ चुकी है। वरिष्ठ साहित्यकार सुदर्शन वशिष्ठ ने अचानक अदृश्य हो जाते हैं। लोग मार्मिक कविता सुनाई। देवराज संसालवी ने पहाड़ी कविता इस सालै भी लोहड़ी औणी, बर्फ भी लगदा ताहलू पौणी। मुख्यातिथि राकेश कौरला ने जिक्र हुआ चांद का मैने तुम्हें याद किया तथा अध्यक्ष प्रो. आर डी शर्मा ने कहलूरी कविता चिंदी-चिंदी जिंदड़ी कविता सुनाई। इसके अतिरिक्त डा. मस्तराम शर्मा, ऋषि राम भारद्वाज, उमा ठाकुर, भूप रंजन, उर्मिला शर्मा, ध्यान सिंह चौहान, वंदना राणा, त्रिलोक सूर्यवंशी, प्रो. कुंवर दिनेश तथा अकादमी सचिव डा. कर्म सिंह ने भी कविता सुनाई। कवि सम्मेलन का संचालन बड़े निराले अंदाज व मधुर वाणी में डा. कुंवर दिनेश ने किया। अंत में मुख्यातिथि ने कहा कि भाषा एवं संस्कृति विभाग का हमेशा प्रयास रहता है कि प्रदेश में साहित्यिक वातावरण बना रहे।
^पूरी खबर पढ़े: source - DivyaHimachal
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