
नगरपरिषद सोलन में भाजपा समर्थित अध्यक्ष के खिलाफ उन्हीं की पार्टी के समर्थित पार्षदों ने विरोध किया था। इनके विरोधी पार्षदों के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव लाने से लंबे समय से अंदरखाते चल रही गुटबाजी सामने आई है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यह घटनाक्रम भाजपा के लिए नुकसान पहुंचाने वाला साबित हो सकता है। इससे शहर में भाजपा दो गुटों में बंटती दिख रही है। कांग्रेस समर्थित पार्षदों का बिना किसी लाभ के भाजपा समर्थित पार्षदों के एक धड़े का साथ देना भी राजनीतिक समीक्षकों के गले नहीं उतर रहा है। 16 जून को मौजूदा नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता को सदन में अपना बहुमत साबित करना होगा। यह बात सर्व विदित है कि सोलन नगर परिषद के पिछले चुनाव में भाजपा की जीत के समय ही पवन गुप्ता और पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर के बीच अध्यक्ष पद के लिए खींचतान हुई थी। इसमें पवन गुप्ता बाजी मार ले गए। तबसे कई बार बाजी पलटने की अटकलें लगाई जाती रही और अब भाजपा समर्थित पार्षदों ने ही अपनी पार्टी समर्थित अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर इसे सही साबित कर दिया। इसमें कांग्रेस...
^पूरी खबर पढ़े: source - Dainik Bhaskar
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