
सराहां अस्पताल के फार्मासिस्ट ने महिला टीचर से किया दुर्व्यवहार पच्छादविधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के दावे किए जा रहे हैं, मगर धरातल पर सच्चाई कुछ ओर ही है। सराहां अस्पताल में सामने आई अव्यवस्था के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठ रहे हैं। डाॅक्टरों का ड्यूटी से बंक मारने का सिलसिला लगातार जारी है। सराहां के बाद नया मामला बागथन में सामने आया है। जब पीएचसी में तैनात डाॅक्टर कई दिनों से गायब है। हैरानी की बात यह है कि विभाग इससे बेखबर है। अव्यवस्था के चलते मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इससे तो विभाग को और ही नेताओं को कोई सरोकार है। पूर्व भाजपा सरकार ने बागथन में करीबन 65 लाख से पीएचसी भवन बनवाया था। इसका शुभारंभ तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव बिंदल ने किया था। हैरानी यह है कि यहां आज तक नियमित डाॅक्टर नसीब नहीं हो पाया है। यहां तैनात डॉक्टर की ट्रांसफर के सालों बाद तक यह पद खाली रहा, मजबूरन मरीजों को बंगाली डाॅक्टर की शरण लेनी पड़ती है। स्वास्थ्य लाभ मिलने पर मरीजों को सोलन, नाहन का रुख करना पड़ता है।...
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