शिमला – जिला परिषद की बैठक मंगलवार को आयोजित की गई। जैसे ही बैठक शुरू हुई, तो जिप सदस्यों को 14वें वित्त आयोग में अनुदान का प्रावधान न किए जाने का मुद्दा उठाया गया। इसके बाद सदस्यों ने कहा कि 14 वित्त आयोग में अनुदान का प्रावधान नहीं और 13वें वित्त आयोग की बची राशि को भी सरकार वापस मांग रही है। इस पर बैठक में सदस्यों ने खूब हंगामा किया। सदस्यों के पूछने पर पंचायत अधिकारी ने बताया कि यह पैसा पंचायती राज विभाग ने वापस ले लिया है और इस संबंध में सरकार के आदेशों के बाद यह राशि वापस ली गई है। जिप सदस्य नीलम सरैक ने कहा कि जब यह फंड जिला परिषद सदस्यों का था तो सरकार इस फंड को कैस वापस ले रही है। जिप सदस्य गिरधारी लाल शर्मा ने कहा कि वह मामले को लेकर कई बार मुख्यमंत्री से भी मिले ,लेकिन इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिला परिषद अध्यक्ष धर्मिला हरनोट ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को भी सभी सदस्यों के कार्य करने को लेकर निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो सदन तय करेगा वह उसी पर कार्य करेगी। बजट को लेकर सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसमें सरकार से सदस्यों के बजट को वापस मांगा जाएगा। बैठक के दौरान जब जिला परिषद सदस्यों ने बजट के वापस लिए जाने को लेकर हंगामा किया तो अतिरिक्त जिलाधीश राकेश प्रजापति ने जल्द ही बीडीओ के साथ इस संबंध में बैठक करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि बचा हुआ फंड पूरे प्रदेश में वापस लिया गया है। उन्होंने कहा कि 13वें वित्त आयोग का जो बजट बचा था, उसमें सरकार का हक है और इस पर अब निर्णय सरकार ही करेगी। इस में उसके बाद सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। पिछले डेढ साल से रामपुर में जिला परिषद सदस्या के साथ रामपुर डीएसपी द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी का मुद्दा एक बार फिर उठा। इस दौरान सभी सदस्यों ने कहा कि डीएसपी द्वारा अभद्र व्यवहार करने पर कार्रवाई नहीं की गई है। इसके साथ ही जिप सदस्य रेखा मोगटा ने भी सैंज में पुलिस की तैनाती न किए जाने पर सवाल उठाए। बैठक में मौजूद एएसपी भजन देव नेगी ने बताया कि डीएसपी को ट्रांसफर कर दिया गया है। इस पर एएसपी बैठक से उठक र चले गए। करीब एक घंटे बाद उन्होंने बताया कि रामपुर के डीएसपी के खिलाफ उन्होंने पुलिस मुख्यालय को पत्र भेज दिया है। अतिरिक्त उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ने सभी विभागों के अधिकारियों को आदेश दिए कि वह जिला परिषद सदस्यों कीे लंबित मांगों का निपटारा 15 दिनों के भीतर करें तथा इस संबंध में अध्यक्ष जिला परिषद को अवगत करवाना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जिला पंचायत अधिकारी एमएस नेगी ने बैठक का संचालन किया।
रामपुर में एक्सरे खराब तो घूंड में पानी नहीं
पानी नहीं रामपुर के खनेरी अस्पताल में बार बार खराब हो रही एक्सरे मशीन के मुद्दे पर भी सदस्यों ने अधिकारियों के उपर जमकर भड़ास निकाली। सदस्यों ने कहा कि आखिर क्या वजह है कि लोगों को हजारों रूपये एक्सरे के लिए निजी अस्पतालों में खर्च करने पड़ रहे हैं। इस पर सीएमओ शिमला ने बताया कि इसके लिए विभागीय स्तर पर व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी तरह में पानी की व्यवस्था पर भी सदस्यों ने अधिकारियेां पर लापरवाही के आरोप लगाए।
बल्देयां स्कूल में अध्यापकों के पद रिक्त
बल्देयां के स्कूलों अध्यापकों के रिक्त पद हैं। जिला परिषद सदस्यों पूछा कि बल्देंया के पघेची, चिखड़, डुबलू आदि स्कूलों में अध्यापकों पद रिक्त है। इस कारण बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ रहा दूर दराज के क्षेत्रों में पद रिक्त होने से वहां से बच्चे शहरी स्कूलों पर पढ़ने को मजबूर हैं। उदाहरण के लिए नदान स्कूल में कभी 73 बच्चे थे अब वहां मात्र 23 बच्चे रह गए हैं।
जिला परिषद व पंचायत समिति को 42 करोड़ रुपए
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जिला परिषद व पंचायत समिति को राज्य बजट के अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 42 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। अध्यक्ष जिला परिषद धर्मिला हरनोट ने जिला परिषद सदस्यों की बैठक के दौरान दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 14वें वित्त आयोग के तहत जिला शिमला की ग्राम पंचायतों को 46 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इस योजना को जिला परिषद द्वारा समीक्षा की जाएगी।
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