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Wednesday, May 10, 2017

टॉप 10 मैरिट लिस्ट में शिमला का नाम तक नही

शिमला   – प्रदेश शिक्षा बोर्ड धर्मशाला द्वारा मंगलवार को घोषित दसवीं कक्षा के परिणाम में जिला शिमला के स्कूल से एक भी छात्र मैरिट में जगह नहीं बना पाया है। यह दूसरी मर्तबा है जब जिला शिमला के स्कूल टॉप मैरिट में छात्रों का बेहतर प्रदर्शन दे चुके हैं। जमा दो के परीक्षा परिणाम में ही जिला शिमला से केवल दो ही घोषणाएं टॉप 10 की सूची में जगह बना पाई थी, लेकिन दसवीं कक्षा के परिणाम में यह आंकड़ा शून्य हो गया है। इन दोनों कक्षाओं के परिणाम में मैरिट में छात्र न आने की वजह से जिला के प्रतिष्ठित माने जाने वाले सरकारी संस्थानों की पोल खुल रही है। राजधानी शिमला में सरकारी स्कूलों में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला फार ब्वायज लालपानी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमार, लक्कड़ बाजार, संजौली स्कूल, बालूगंज सहित फागली, छोटा शिमला सहित अन्य भी कई वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च पाठशालाएं हैं जो बेहतर स्कूलों की श्रेणी में है। लेकिन इन स्कूलों से न तो जमा दो और न ी 10वीं की परीक्षा में छात्र टॉप 10 छात्रों की सूची में जगह बना पाए हैं। 10वीं की परीक्षा में शिमला के पोर्टमोर स्कूल का वार्षिक परिणाम 87 फीसदी रहा है। स्कूल में दसवीं कक्षा की परीक्षा में कुल 140 छात्राएं बैठी थी जिसमें से 121 छात्राओं ने यह परीक्षा पास की है। इसमें अलीशा ने 83 फीसदी अंक हासिल कर स्कूल में पहला, साक्षी ने 89.25 फीसदी अंक हासिल कर दूसरा और कृतिका रावत ने 89 फीसदी अंक हासिल कर तीसरा स्थान हासिल किया है। स्कूल की प्रिंसिपल निशा भलूनी ने स्कूल के बेहतर परिणाम पर छात्राओं और शिक्षकों को बधाई दी है।

लालपानी में 35 छात्र पास

धर्मशाला शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम में 35 छात्रों ने परीक्षा पास की है। इस परीक्षा में स्कूल के कुल 71 छात्र बैठे थे, जिसमें से 35 छात्रों ने परीक्षा पास की है। 23 छात्रों को कंपार्टमेंट और 13 छात्र इस परीक्षा में फेल हुए हैं। स्कूल में देवेंद्र वर्मा ने 617 अंक हासिल कर पहला स्थान, साहिल ने 582 अंक लेकर दूसरा और अजय ने 564 अंक लेकर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

गेयटी में में करियाला की प्रस्तुति

शिमला — हिम रंग महोत्सव-2017 की पांचवी संध्या मंगलवार को चूडे़श्वर लोक नृत्य सांस्कृतिक मंडल, सिरमौर द्वारा लोक नाट्य करियाला की प्रस्तुति दी गई। हमाचली संस्कृति में करियाला को लोकनाट्य का उच्च पद प्राप्त है। हास्य और व्यंग्य करियाला का सरमाया है। इसी की प्रस्तुति कलाकारो ने देकर गेयटी मे दर्शकों को गुदगुदाया। चुडे़श्वर लोक नृत्य सांस्कृतिक मंडल द्वारा प्रस्तुत करयाला साहिबों रा स्वांग कर इसी कला को बचाने का संदेश दिया।

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^पूरी खबर पढ़े: source - DivyaHimachal

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