नेरवा,चौपाल – कहते हैं कि मौत का अपना समय व स्थान निश्चित होता है। यह जब व जहां लिखी है वहीं होकर रहेगी। ऐसा ही कुछ वाकया सोमवार को इड़ा में हुए दर्दनाक कार हादसे में मारे गए छह दोस्तों के साथ पेश आया। ये सभी दोस्त इड़ा में एक शादी समारोह में शिरकत करने गए थे। रात करीब डेढ़ बजे इनमें से पांच दोस्त, जिनमें गाड़ी मालिक ओम प्रकाश भी शामिल था। शामठा की ओर रवाना हो गए। ये लोग जब इड़ा से करीब तीन किलोमीटर आगे रंघोल के पास पंहुचे तो इनके छठे साथी बंसी लाल ने फोन कर कहा कि तुम लोग मुझे छोड़कर कहां निकल गए, वापस आओ और मुझे भी अपने साथ ले जाओ। यमराज ने शायद बंसी लाल की आवाज सुन ली व सभी छह दोस्तों को एक साथ उठा ले गया। बंसी लाल का फोन आने के बाद ये लोग गाडी मोड़कर उसे लेने के लिए इड़ा वापस चल दिए व इड़ा में उसे गाड़ी में बैठाकर एक बार फिर शामठा की ओर चल पड़े। ये अभी कुछ ही मीटर आगे गए थे कि इड़ा पंचायत घर के समीप इनकी अभागी कार अनियंत्रित हो कर पांच सौ मीटर गहरी खाई में समा गई व इन छह दोस्तों ने अपना अंतिम सफर इकट्ठा पूरा किया। बताया जाता है कि इन छह दोस्तों में आपस में बहुत प्रेम था व ये अक्सर शामठा में मिला करते थे। इनमें से बलवंत, सूरत राम व बंसी लाल शामठा में दुकान करते थे, जबकि मोहर सिंह सरकारी ठेकेदारी करता था। गाड़ी मालिक ओम प्रकाश भी शामठा में ही रहता था व किसी ठेकेदार की जेसीबी मशीन में ऑपरेटर था। छठा दोस्त कंवर सिंह भी नजदीक के एक गांव का निवासी था। इन छह दोस्तों की एक साथ मौत से न्योल क्षेत्र ही नहीं पूरा चौपाल सदमे में हैं व मृतकों के परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं? निःशुल्क रजिस्टर करें !
पूरी खबर पढ़े >>
source: DivyaHimachal
No comments:
Post a Comment