नेरवा/चौपाल – ग्राम पंचायत खूंद न्योल व चईंजन में पेयजल संकट गहरा गया है। इन दोनों पंचायतों के जनोग, इडा, फावला, रंघोल, मलोग, चिंचवी, सित्रोठ व शामठा आदि आठ-दस गांव पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों को अपने अन्य घरेलू कामकाज छोड़कर मीलों दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। लोगों का अधिकांश समय पीने के पानी के जुगाड़ में ही बीत रहा है। मानु भाविया-खूंद, न्योल, चईंजन वार्ड के पंचायत समिति सदस्य मनोहर शर्मा ने बताया कि इन गांवों की पेयजल आपूर्ति हेतु एक उठाऊ पेयजल योजना जनोग-इडा के नाम से बनाई गई है, जो कि तीन-चार साल पूर्व बनकर तैयार हो गई थी व विभाग ने दो माह पूर्व इसको चालू करने हेतु ट्रायल भी किया था। ट्रायल वाले दिन इसमें मात्र दो घंटे ही पानी आया। आईपीएच महकमा इसके लिए विद्युत बोर्ड को जिम्मेदार ठहरा रहा है, जबकि विद्युत् बोर्ड का कहना है कि यदि आईपीएच विभाग मीटर लगाने की औपचारिकताएं पूरी करता है तो उसी समय मीटर लगा दिया जाएगा। बोर्ड की इस गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली के चलते लोगों में विभाग के प्रति रोष है। मनोहर शर्मा ने बताया कि इन दिनों क्षेत्र के लोगों के आराध्य चालदा महासू महाराज एक वर्ष के जनोग प्रवास पर हैं व देवता के दर शीश नवाने प्रतिदिन सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु आ रहे हैं। यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए न्योल क्षेत्र के विभिन्न गांव के लोगों द्वारा लंगर की व्यवस्था की गई है। पानी की कमी के चलते लोगों की धार्मिक आस्था भी प्रभावित हो रही है। लंगर के लिए पानी का इंतजाम करना आयोजकों व गांववासियों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। ग्राम पंचायत खूंद न्योल के प्रधान भगत राम टांसटा, बीडीसी सदस्य मनोहन शर्मा व समस्त पंचायत सदस्यों ने आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स से मांग की है कि इस स्कीम को जल्द चालू किया जाए। पंचायत वासियों ने विभाग को चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के अंदर स्कीम को चालू नहीं किया गया तो बोर्ड के नेरवा मंडल कार्यालय के बाहर पंचायत वासियों द्वारा खाली बरतन लेकर प्रदर्शन किया जाएगा। इस विषय में सिंचाई एवं जनस्वास्थय उपमंडल नेरवा के सहायक अभियंता एनआर नेहटा से बात करने पर उन्होंने बताया कि मीटर लगाने हेतु बोर्ड को धरोहर राशि के रूप में 1,1410 रुपए जमा करवा कर पत्र लिख दिया है। मीटर लगते ही स्कीम को चालू कर दिया जाएगा।
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