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Wednesday, February 1, 2017

बर्फबारी ने बिगाड़ी सड़कों की सूरत

ठियोग  – पिछले दिनों हुई बारिश-बर्फबारी के कारण ठियोग में सड़कों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कुछ पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकार से संपर्क सड़कों में सुधार के लिए अलग से धन का प्रावधान किए जाने की भी मांग की थी लेकिन अभी तक ठियोग ब्लॉक को सड़कों के सुधार के लिए न तो विभाग को कोई राशि दी गई है और न ही पंचायतों में स्पेशल फंड सरकार की ओर से दिया गया है। बारिश बर्फबारी के कारण ग्रामीण स्तर की सड़कें दलदल में व जगह-जगह धंसने से खतरनाक हो गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस कारण बसों की आवाजाही सहित वाहनों को ऐसी सड़कों पर चलाना मुश्किल हो रहा है। संपर्क सड़कों के अलावा ठियोग-हाटकोटी सड़क की खस्ताहालत के कारण लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बर्फबारी के कारण सड़क दलदल में बदल गई है और रोहड़ू से ठियोग पहुंचने में काफी समय लग रहा है। इन खराब हुई सड़कों को ठीक करने की मांग लोगों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से भी की है। बारिश के कारण ठियोग की अधिकतर संपर्क सड़कें दलदल में तबदील हो गई हैं। ठियोग विकास खंड के तहत आने वाली संधू, बासामाहोग, लाफूघाटी पटीनल, बिशड़ी, घूंड शलौआ, रहीघाट, शड़याणा, धमांदरी, फागू, चियोग, हुल्ली देवठी खार, जैस नयागांव, सरीवन नागोधार, कमाह, ब्यौण सांबर कलाहर, निवड़ी कड़ेड जैस बलन, चमैच सड़क बारिश के कारण बेहद खराब हो चुकी है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बनी अधिकतर संपर्क सड़कें पंचायत फंड पर तैयार की गई हैं। ऐसे में इन सड़कों की देखरेख कम ही की जाती है ग्रामीणों का कहना है कि इनके लिए यदि सरकार धन का प्रावधान करे, तो ऐसी सड़कों में सुधार किया जा सकता है और लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। गांवों में लिंक रोड पर कोई भी छोटी बड़ी दुर्घटना होने पर लोगों को न तो नुकसान का मुआवजा मिलता है और न ही वाहनों की इंश्योरेंस का पैसा। लोगों का कहना है कि ठियोग के अधिकतर क्षेत्रों में संपर्क मार्गों की हालत बेहद खराब है और वे अपने जोखिम पर मुख्य सड़कों तक पहुंच रहे हैं। सड़कों की बदहाली के कारण कई क्षेत्रों में बसों की आवाजाही पर बेहद असर देखने को मिला है।

 

बर्फ हटाने पर खर्च 60 लाख

ठियोग में बर्फ को हटाने के लिए विभाग ने ठियोग में 60 लाख की राशि खर्च कर दी है, लेकिन जो सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं उनकी कोई देखरेख नहीं हो रही है। पंचायत स्तर पर बनी सड़कों की देखरेख न तो विभाग द्वारा की जा रही है और न ही इसके लिए सरकार से अलग कोई धन दिया गया है। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

 


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source: DivyaHimachal

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