
एकसाथ दो इमारतें धराशाही होने से साबित हो गया है कि शहर में भवन निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है। शहर में अवैध रूप से बनी बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा पर भी सवाल है। सोलन में साल दर साल इमारतों के गिरने के सिलसिले से पता चलता है कि यहां भवन निर्माण में किस कद्र लापरवाही बरती गई है। भवनों के गिरने का कारण मशीनों की मदद से अवैज्ञानिक रूप से की जा रही खुदाई भी माना जा रहा है। बता दें कि सोलन में एक दशक के दौरान करीब एक दर्जन बहुमंजिला इमारतें गिर चुकी हैं। इससे तीन से चार लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। शिल्ली रोड में ही कुछ वर्ष पहले भी दो भवन भरभरा के गिर चुके हैं। अब दो अन्य भवनों का गिरना कई सवाल खड़े करता है। शहर में एक दशक के दौरान चंबाघाट रोड, राजगढ़ रोड, मधुवन कॉलोनी, देंऊघाट में 10 इमारतें धराशाही हुई हैं। इसके अलावा शहर की घनी आबादी में कई भवन ऐसे हैं जिन्हें अनसेफ घोषित किया है लेकिन इन्हें गिराया नहीं गया है। नियम के तहत भवन के नक्शे के साथ इंजीनियर की स्ट्रक्चर रिपोर्ट लगाना जरूरी है। नक्शा तभी ही पास किया जा सकता है जब स्ट्रक्चर रिपोर्ट में...
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source: Dainik Bhaskar
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