
ममतागुप्ता ने बताया कि उनका पांच सदस्यीय परिवार ने रात इसी मकान में गुजारी। सुबह करीब पांच बजे मकान से आवाजें आने लगी। इससे उन्हें खतरे का आभास हुआ। पूरा परिवार बाहर निकल आया। वे आधा सामान ही निकाल पाए। बारिशसे दरारें विश्वजीतने कहा कि 26 जनवरी को हुई तेज बारिश के बाद उनके मकान में दरारें गई थी। सोमवार सुबह 6 बजे खतरे का आभास हुआ। उस समय उनका पांच सदस्यीय परिवार मकान में सोया था। वह आनन-फानन में घर से बाहर गए। धमाकेसंग ढही प्रकाशचंद ने बताया कि वे सुबह 4 बजे उठे तो चिट-चिट की आवाजें सुनाई दी। इसके बाद वे बसस्टैंड गए। लौटे तो फिर आवाजें सुनाई दी। उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को भी नींद से उठाया। करीब 8.30 बजे जोर के धमाके के साथ मकान ढह गए। एसडीएम सोलन एकता कापटा और एएसपी सोलन डॉ. मनमोहन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों का हाल जाना और प्रभावित परिवारों को 10-10 हजार की फौरी राहत दी। एकता कापटा ने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यहां पहले भी दो भवन जमींदोज हो चुके...
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source: Dainik Bhaskar
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