ऊना — परिवार के बेहतर भविष्य व अच्छे दिन लाने की खातिर रोजी-रोटी कमाने इराक गए सैकड़ों युवाओं के परिजनों को 40 भारतीयों के अपहरण की घटना ने झकझोर कर रख दिया है। प्रदेश के ऊना, बिलासपुर,मंडी व पड़ोसी राज्य पंजाब के नंगल से इराक गए आठ युवकों की सकुशल वापसी के लिए शुक्रवार को उनके परिजनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार से गुहार लगाई। हालांकि इन युवकों के किसी भी आतंकी के कब्जे में होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन पिछले दो दिनों से इनका अपने परिजनों से फोन पर भी संपर्क न होना परिवार वालों को खल रहा है। अपने लाड़लों की सुरक्षा की चिंता लिए इन युवकों के परिजनों ने उपायुक्त ऊना अभिषेक जैन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को ज्ञापन भेज अपने लाड़लों को शीघ्र-अतिशीघ्र देश वापस लाने की गुहार लगाई है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल जिला ऊना के भड़ौलियां खुर्द निवासी महिंद्र सिंह ने उपायुक्त को सौंपे मांग पत्र में बताया कि इनका बेटा सन्नी करीब चार माह पहले इराक के करवाला शहर में नौकरी के लिए गया था। मोंहिंद्र सिंह ने बताया कि उनके बेटे के अलावा ऊना जिला के पनोह गांव निवासी देसराज, बढेड़ा से दारा सिंह व नंगड़ा गांव से नरेश कुमार भी इसी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि बिलासपुर के बरठी से पवन कुमार,बस्सी से रमेश चंद, मंडी से डीला राम तथा नंगल के नानकगां से अश्वनी कुमार भी इराक में फंसे हैं। उन्होंने कहा कि इराक में उत्पन्न संकट से वहां पर गए सभी भारतीय सहमे हुए हैं। वहीं इस संबंध में उपायुक्त अभिषेक जैन ने कहा कि यह संवेदनशील मसला है। इनके प्रतिवेदन को केंद्र व राज्य सरकार के ध्यान में लाया गया है।
from Divya Himachal
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