हमीरपुर—लारजी प्रोजेक्ट के उच्चाधिकारियों द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में खुद उन्होंने अपने गुनाह को कबूल किया है। उच्चतम न्यायालय को पेश की गई रिपोर्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि हादसे के बाद उन्होंने खुद घटनास्थल का दौरा किया था और स्वयं छात्रों, अभिभावकों एवं स्थानीय लोगों से बातचीत की थी। बातचीत के पश्चात यह तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आए थे कि इस हादसे के पूर्व लारजी प्रबंधन ने कोई चेतावनी नहीं दी थी और न ही अतिआवश्यक सायरन बजाया था। उन्होंने तब भी यह मांग की थी कि पानी छोड़ने से पहले नदी किनारे राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर चेतावनी वाहन चलाया जाना चाहिए, लेकिन तब भी मुख्यमंत्री इसे असंभव बताकर अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट गए थे। प्रो. धूमल ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि सारे मामले पर मुख्यमंत्री ने जिस तरह से संवेदनहीनता और गलत बयानबाजी की है, वह शर्मनाक है।
from Divya Himachal
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