पालमपुर— देश के भविष्य को नई राह दिखाने के लिए श्रेष्ठ संस्थानों की जानकारी घर-द्वार पर देने वालों ने शिक्षा मेले के प्रचार के लिए हरे-भरे पेड़ों को ही छील डाला। दो दिवसीय शिक्षा मेले का आयोजन पालमपुर में 21 व 22 जून को किए जाने का प्रचार करने के लिए प्रबंधकों ने नेशनल हाई-वे के आसपास लगे पेड़ों को सस्ता व अच्छा माध्यम माना पर वह भूल गए कि पेड़ों को नुकसान पहुंचाना नियमों के विरुद्ध है। पालमपुर से लेकर मारंडा तक अनेक हरे-भरे पेड़ों पर ऐसे बोर्ड नजर आ रहे हैं और यह बोर्ड लोहे की तारों से बांधे गए हैं, जिससे पेड़ों को सीधा नुकसान हो रहा है। दूसरों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने वालों ने किस तरह पेड़ों को छलनी कर पर्यावरण से खिलवाड़ किया है ,यह साफ देखा जा सकता है। पालमपुर की हरियाली को चार चांद लगाते नेशनल हाई-वे के आसपास स्थित पेड़ों पर से ऐसे बोर्ड हटाने व उनको न लगाने देने का बेहतर प्रयास वन विभाग ने पिछले समय के दौरान किया है। पेड़ों पर कील या लोहे की तारों के साथ वो भी बिना अनुमति किसी तरह के बोर्ड लगाना प्रतिबंधित है और वन विभाग ने पालमपुर व आस-पास इस नियम को पूरा करने के भरपूर प्रयास भी किए हैं, लेकिन दो दिनों के लिए आयोजित किए गए शिक्षा मेले के लिए दो-चार दिनों में ही अनेक पेड़ों पर लोहे की तारों से बोर्ड चस्पां कर दिए गए। पालमपुर से लेकर मारंडा तक ऐसे अनेक बोर्ड आने-जाने वालों को नजर आ रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पेड़ों पर लोहे की तारों या कीलों से बोर्ड लगाना गैर कानूनी है और यदि वन भूमि के पेड़ों का इस्तेमाल बोर्ड लगाने के लिए किया गया है तो उनको उतरवाया जाएगा। पालमपुर स्थित वन विभाग के डीएफओ केके गुप्ता ने कहा कि यदि वन भूमि के पेड़ों पर इस तरह बोर्ड लगवाए गए हैं तो उनको उतरवाया जाएगा।
from Divya Himachal
No comments:
Post a Comment