हमीरपुर — पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा है कि चुनाव मुद्दों व जनसमस्याआें के आधार पर लड़े जाते हैं, लेकिन प्रदेश कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने इस चुनाव में तमाम हदें पार करते हुए इसे व्यक्तिगत लड़ाई बना दिया है। उम्रदराज हो चुके मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सामने खड़ी हार को देखकर हताशा की स्थिति में हैं और कुंठित स्वरों में कुछ भी अनाप-शनाप बोलते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल झनियारा में मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अब अपने ही भार से गिर जाएगी और पार्टी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की तानाशाह नीतियों के कारण टूटने के कगार पर है। यही कारण है कि हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान जब स्थानीय नेताओं तक ने वीरभद्र सिंह की तानाशाह नीतियों के कारण थोपे गए प्रत्याशी के आक्रोश में साथ छोड़ दिया, तो पिता-पुत्र व्यक्तिगत लड़ाई समझकर भाजपा को गाली गलौच पर उतर आए। हमीरपुर का विकास किसने किया और किस पार्टी के कार्यकाल में हुआ, इसका हमीरपुर की जनता को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से सर्टिफिकेट लेने जरूरत नहीं है। चुनाव प्रचार की अंतिम वेला में भाजपा की जनसभाआें में उमड़े जनसैलाबों का उत्साह बता रहा है कि यह चुनाव एकतरफा होकर रह गया है, जिसमें मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खुद को बेबस मान रहे हैं। झूठ और षड्यंत्रों के सहारे राजनीति करने वाले वीरभद्र सिंह के किसी भी झांसे में अब लोग आने वाले नहीं हैं। भाजपा प्रत्याशी अनुराग ठाकुर ने विपक्ष में रहते ही जो विकास हमीरपुर संसदीय क्षेत्र का करवाया है, वह किसी से छिपा नहीं है। भविष्य में एनडीए की सरकार में राष्ट्रीय राजनीति में स्थापित हो चुके अनुराग का क्या स्थान होगा, यह भी समूचे लोकसभा क्षेत्र की जनता जानती है और शायद इसीलिए कांग्रेस के अनेक स्थानीय नेता अंदरखाते भाजपा के लिए समर्थन देने की बात कर रहे हैं।
from Divya Himachal
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