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Friday, May 3, 2013

नौ घंटे में 72 किलोमीटर सफर

संगड़ाह — नागरिक उपमंडल संगड़ाह के अंतर्गत आने वाली 41 पंचायतों में परिवहन निगम द्वारा पिछले करीब दो दशकों से नई बसें चलाए जाने की बजाय मौजूदा बसों को ही वाया नई सड़क भेजे जाने से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में घंटों बीत जाते हैं तथा बेवजह कच्ची सड़कों पर मीलों धूल फांकनी पड़ती है। जिला मुख्यालय नाहन से प्रातः 11 बजे चलने वाली पालर बस को पांच सड़कों पर वाया भेजे जाने के चलते यात्रियों को मात्र पालर पहुंचने में नौ घंटे लग जाते हैं। नाहन से मात्र 72 किलोमीटर स्थित गांव पालर को छोटे वाहनों से मात्र तीन घंटे लगते हैं तथा बस भी चार घंटे से कम समय में 72 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है। चार घंटे का सफर निगम द्वारा नौ घंटे में कराए जाने का कारण इस बस को वाया पनार, नाड़ चोटी, टिक्करी, भावण व कशलोग भेजा जाना है, जिससे 40 किलोमीटर की दूरी बढ़ रही है। उपमंडल संगड़ाह की पालर बस के अलावा देवना बस वाया गराड़ी, कोरग वाया लुधियाना, रतवा वाया टिक्कर, टोडां वाया बांदल व मछेर तथा अरलू-शिमला बस वाया चोकर जा रही है। एचआरटीसी की वाया-वाया बसों से तंग आ चुके स्थानीय लोग निजी बसों से यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि दो से चार घंटे का समय अथवा बस बदलने के झंझट से बच सकें। गत विस चुनाव में मुख्य मुद्दा रही संगड़ाह से शिमला, हरिद्वार व चंडीगढ़ के लिए बसें चलाने की मांग भी पूरी नहीं हुई। संगड़ाह विकास मंच तथा क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा नई सड़कों पर नए रूट दिए जाने व शिमला, हरिद्वार तथा चंडीगढ़ के लिए बसें चलाए जाने की मांग को लेकर प्रदेश के परिवहन मंत्री को लिखा जा चुका है। एचआरटीसी के आरएम नाहन संतोष शर्मा ने कहा कि फिलहाल क्षेत्र में कोई नया रूट स्वीकृत नहीं हुआ है।






source: DivyaHimachal

Full Story at: http://www.divyahimachal.com/himachal/paonta-sahib-sirmaur-news/%e0%a4%a8%e0%a5%8c-%e0%a4%98%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-72-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%ab%e0%a4%b0/

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