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Sunday, February 17, 2013

ऊना में गौ सेवा कर कमाएं पुण्य

ऊना — गौ सेवा सबसे बड़ा धार्मिक अनुष्ठान है। यह बात शनिवार को ऊना मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर रक्कड़ कालोनी में श्री बाल गौपाल गौ सेवा संस्था के सौजन्य से श्री बाल गोपाल गौ लोक धाम में आयोजित धार्मिक समागम में राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज ने प्रवचनों की बौछार करते हुए कही। बाबा बाल जी महाराज ने धार्मिक समागम में श्रद्धालुओं द्वारा उन्हें भेंट स्वरूप चढ़ाए गई हजारों रुपए की राशि गौ सदन को देने की घोषणा की, वहीं इसके अलावा स्वयं अपनी तरफ से एक लाख रुपए गौसदन के संचालन में सहयोग स्वरूप देने की भी घोषणा की। इससे पहले बाबा बाल जी महाराज थानाकलां में गौसदन के लिए भी दो लाख रुपए की राशि दे चुके हैं। बाबा बाल जी महाराज ने कहा कि जिस देश व समाज में गाय का सम्मान नहीं किया जाता, वह देश व समाज कभी भी खुशहाल नहीं रह सकता। भारत में प्राचीन समय से ही गाय को पूजनीय माना गया है। गाय अपने दूध के भंडार व मल-मूत्र से बनने वाली जैविक खाद व दवाओं से सबका पालन कर रही है। उन्होंने गौ धन को कभी न रिक्त होने वाला आयुर्वेदिक औषधियों का भंडार भी करार दिया। उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा मात्र इसी लोक में नहीं अपितु परलोक में भी वैतरणी को पार लगाने वाली नैया है। उन्होंने इस बात पर कड़ी चिंता प्रकट की है कि लोग जब तक गाय दूध देती है, उसे पालते है तथा इसके बाद उसे आवारा विचरने को छोड़ देते हैं। प्राचीन काल से ही बड़े-बड़े ऋषि-मुनि व राजा-महाराजा भी गौ सेवा को अधिमान देते थे। बाबा बाल जी महाराज ने ऊना में विभिन्न स्थानों पर गौ सदन चलाने वालों को साधुवाद दिया तथा उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा जताया। उन्होंने गौसदन के सफल संचालन के लिए रवि कुमार शारदा व सहयोगियों को बधाई दी। बाबा बाल जी महाराज ने प्रवचनों की बौछार से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।






source: DivyaHimachal

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