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Saturday, December 14, 2019

लघु एवं मध्यम उद्योगों को राहत

तीन साल तक नहीं होंगी शर्तें, सरकार ने पारित किया विधेयक

धर्मशाला –हिमाचल प्रदेश में लघु एवं मध्यम उद्योगों  को राहत देते हुए सरकार ने तय किया है कि तीन साल तक उन्हें किसी तरह की शर्त नहीं रहेगी। तीन साल में यह निवेशक अपना उद्योग धंधा स्थापित कर सकते हैं और इस दौरान उन पर एनओसी की शर्त नहीं होगी। सरकार पहले इसके लिए अध्यादेश लाई थी, क्योंकि तब विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा था, लेकिन अब शीतकालीन सत्र में सरकार ने इस पर विधेयक लाया था, जिसे शुक्रवार को सदन ने पारित कर दिया है। इस विधेयक के पारित होने से यहां पर नया कानून लागू होगा। उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर ने दो दिन पूर्व विधेयक को सदन में पेश किया था। उन्होंने सदन को सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश की भी जानकारी दी थी। हालांकि यहां निवेश के मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया और इस तरह की रियायतों को लेकर ही सवाल खड़े किए, मगर मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यहां पर नियमों को सरल बनाकर ही निवेश होगा और सरकार इस ओर अग्रसर है। इसके लिए सरकार ने हिमाचल प्र्रदेश सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (स्थापना और प्रचालन का सरलीकरण) विधेयक पेश किया था।  इसमें कहा गया है कि इस तरह के निवेशकों को निरीक्षण से छूट देने की जरूरत है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश की संभावनाओं को देखकर सरकार ने इन्वेस्टर मीट करवाई थी जिसके ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 27 दिसंबर को की जा रही है। यहां पर लघु एवं मध्यम उद्यमों में निवेश ज्यादा संभावित है, जिसके चलते सरकार ने इन निवेशकों को तीन साल तक एनओसी से मुक्ति दी है। इसके अलावा इन पर कई रियायती स्कीमें भी लागू होंगी।

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Courtsey: Divya Himachal

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