मंडी —प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ ने मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा है कि 10वीं की बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों के निराशाजनक परिणाम के पीछे सिर्फ विज्ञान व मैथ के शिक्षक ही जिम्मेदार नहीं हैं। संघ के प्रदेश प्रवक्ता एवं अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर, महासचिव जयसिंह ठाकुर, भीम सिंह, सदर के प्रधान लवनीन कुमार, सुनील कुमार, भूप सिंह, कृष्ण यादव, इंद्र सिंह, पूजा वैद्य, देशराज, इंद्रजीत व राजेश्वर गुलेरिया आदि ने कहा कि कम रिजल्ट रहने के लिए सिर्फ मैथ व विज्ञान अध्यापकों पर इस तरह के फरमान जारी करना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा एक तो नौवीं कक्षा तक बिना फेल किए बच्चों को पास किया जा रहा है और 10वीं की बोर्ड परीक्षा में बच्चों का रिजल्ट कम रहने से सिर्फ शिक्षकों पर दोष दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नौवीं कक्षा तक फेल न करने की प्रथा से बच्चों के शिक्षण स्तर में सुधार नहीं हो पा रहा है, क्योंकि बच्चों के मन में फेल होने का कोई डर नहीं रहता। उन्होंने शिक्षा विभाग के उस फरमान का कड़ा विरोध जताया है, जिसमें विभाग ने बोर्ड परीक्षा में 25 प्रतिशत से कम रिजल्ट वाले शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का फरमान दिया है।
विषयवार शिक्षक तैनात हों
पहली से पांचवीं कक्षा तक के विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए, ताकि बच्चों को शुरुआती समय में ही सभी विषयों को बेहतर ढंग से ज्ञान मुहैया करवाया जा सके। प्राथमिक पाठशालाओं में एक तो शिक्षकों की कमी रहती है और ऊपर से उन्हें एक दिन में करीब 25 से 30 विषय पढ़ाने पड़ते हैं।
The post खराब रिजल्ट को सिर्फ मैथ्स साइंस टीचर ही जिम्मेदार नहीं appeared first on Divya Himachal: No. 1 in Himachal news - News - Hindi news - Himachal news - latest Himachal news.
Courtsey: Divya Himachal
Read full story: http://www.divyahimachal.com/2018/11/%e0%a4%96%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ac-%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ab-%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%a5%e0%a5%8d/
No comments:
Post a Comment