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Saturday, January 13, 2018

चार नहीं…एक ही बैंक हो

शिमला – प्रदेश की नई जयराम सरकार ने आम जनता से सरकार चलाने के लिए जहां सहयोग मांगा है। वहीं, आर्थिक स्थिति को ठीक करने के लिए जनता से सुझाव भी मांगे हैं। इस पर लोगों ने सुझाव देने शुरू कर दिए हैं। जिला लोक संपर्क विभाग से सेवानिवृत्त हुए मंडी जिला के थली निवासी  तेजस्वी कुमार गुप्ता ने मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र लिखा है, जिसमें मुख्यमंत्री को मितव्ययता के लिए सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार यहां पर मौजूद चार सहकारी बैंकों का समायोजन करे और इनको मिलाकर एक बैंक को चलाए। इससे ये सभी बैंक बेहतर तरीके से चल सकेंगे और इनमें अलग-अलग होने वाला खर्चा भी नहीं होगा। उनका कहना है कि समायोजित होकर एक बैंक बनेगा और उसका एक ही एमडी लगेगा। वहीं, एक ही निदेशक मंडल होगा। ऐसे चार-चार बैंकों के प्रबंध निदेशक व निदेशक मंडल होते हैं जिन पर या तो बैंकों को खर्चा करना पड़ता है या फिर सरकार को। इसलिए इनका समायोजन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की शाखाएं शिमला, किन्नौर, सिरमौर, मंडी तथा चंबा जिला में हैं। वहीं, जोगिंद्रा बैंक सोलन जिला में, बघाट बैंक बघाटन रियासत जो कि सोलन जिला में है चल रहा है।  इसी तरह से कांगड़ा को-आप्रेटिव बैंक हमीरपुर, ऊना, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति, कुल्लू जिला में चल रहा है। इन सभी को मिलाकर एक व्यवस्था बनाई जाए तो हर एक जगह पर शाखाएं भी होंगीं और बैंकिंग प्रणाली सुदृढ़ होगी। केंद्र सरकार ने भी सभी सहयोगी बैंकों को एसबीआई में समायोजित कर दिया है, जिससे उनका फायदा हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि वर्तमान सरकार इस सुझाव पर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा करे और एक बेहतर व्यवस्था को कायम करे, जिससे सरकार का बड़ा खर्चा बचेगा। उन्होंने साथ ही कहा है कि जनता द्वारा दिए जाने वाले सुझावों को प्रदेश हित में लागू करें और अधिकारियों के दवाब में न आएं।

 


^पूरी खबर पढ़े: source - DivyaHimachal

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