15 दिन से नहीं मिल रहा ग्रामीणों को पानी, हजारों लोगों को झेलनी पड़ रही पेयजल समस्या
रामपुर बुशहर – रामपुर की सबसे बड़ी उठाऊ पेयजल योजना उद्घाटन के तीन माह के भीतर ही हांफ गई। आईपीएच विभाग यह दावा कर रहा था कि उक्त योजना को पूरे हाईटेक ढंग से बनाया गया है। इस पेयजल योजना के ठप होने से पांच पंचायतों के हजारों लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। गौरतलब है कि तीन माह पहले उक्त पेयजल योजना का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किया था। उस वक्त आईपीएच विभाग ने यह दावा किया था कि इस योजना के चालू होने से पांच पंचायतों के लोगों को अब पानी की कभी समस्या नहीं आएगी, लेकिन तीन माह बाद ही क्षेत्र पानी की किल्लत से जूझ रहा है। ऐसे में विभाग द्वारा तैयार की गई इस हाईटेक पेयजल योजना पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताते चलें कि जब यह योजना बनकर तैयार हुई थी उस वक्त भी झाकड़ी वार्ड के जिला परिषद सदस्य दलीप कायथ ने इस पेयजल योजना पर सवाल खड़े किए थे। उनका कहना था कि इस योजना को कई जगह पर पुरानी लाइनों में ही जोड़ दिया गया है। साथ ही जिन गांवों को इस पेयजल योजना से लाभान्वित होना था उन्हें भी छोड़ा गया है। उस समय किसी ने भी इस बात पर गौर नहीं किया और अब तीन माह बाद यह योजना हांफ गई है। क्षेत्र के सैन राम, सुरेंद्र सिंह, प्यारे लाल, जिया लाल, राजकुमार, बंसी लाल, छत्र सिंह, दौलत राम, जय सिंह, अजय कुमार, गोवर्धन, जविंद लाल, बीर सिंह, लक्ष्मी चंद सहित सैकड़ों ग्रामीणों का कहना है कि बीते 15 दिनों से ग्रामीण पेयजल किल्लत की मार झेल रहे हैं। इस योजना से रामपुर विकास खंड की डंसा, लालसा, कूहल, देवठी और शिंगला पंचायत के हजारों लोगों को पेयजल आपूर्ति हो रही थी। उन्होंने आईपीएच विभाग से समय रहते उक्त पेयजल योजना से सुचारू पेयजल आपूर्ति देने की मांग की है। यदि जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया तो उक्त पंचायतों के ग्रामीण विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने को मजबूर होंगे।
^पूरी खबर पढ़े: source - DivyaHimachal
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