पानी न मिलने से मरीजों-तीमारदारों को झेलनी पड़ रही हैं दिक्कतें
रामपुर बुशहर – अस्पताल जैसी जगह, जहां पर सभी सुविधाएं बेहतर होनी चाहिएं। वहीं, पर स्थिति बिगड़ी हुई है। रामपुर का सबसे बड़ा अस्पताल पानी की भारी किल्लत से जूझ रहा है। मरीज, तीमारदार सहित अस्पताल में सेवाएं दे रहे डाक्टर व नर्सें पानी की किल्लत से परेशान हैं। जहां मरीजों को पीने के लिए पानी नहीं है वहीं, शौचालयों में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मरीज खासी परेशानी झेल रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इस समस्या को आईपीएच विभाग से कई मर्तबा उठाया गया है, लेकिन अभी व्यवस्था सुधरी नहीं है। हालांकि खनेरी अस्पताल की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए 60 हजार लीटर की क्षमता वाला भंडारण टैंक भी बनाया गया है। बावजूद इसके विभाग लाइन टूटने का तर्क देकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। अस्पताल के वार्डों के शौचालयों की सफाई व्यवस्था भी खस्ताहाल है। मरीजों और तीमारदारों को भी साफ-सफाई और पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। अस्पताल के विभिन्न वार्डों में पानी की आपूर्ति सही न होने के कारण सफाई व्यवस्था भी बुरी तरह से चरमरा गई है। यही नहीं अस्पताल में सेवाएं दे रहीं नर्सों व डाक्टरों को भी मरीजों की देखभाल करने में पानी की जरूरत पड़ रही है, परंतु उन्हें भी पानी नहीं मिल पा रहा है। बताते चलें कि रामपुर अस्पताल में हर दिन 800 से 1000 के करीब ओपीडी लगती है, जबकि 500 लोग ऐसे हैं जो अस्पताल में बतौर मरीज व तीमारदार रह रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि अस्पताल प्रबंधन ने इस समस्या को आईपीएच विभाग के समक्ष रख दिया है तब भी इस समस्या का हल नहीं हो पाया है। ऐसे में विभाग द्वारा अस्पताल जैसी जगह पर अपनी सेवाएं देने की पोल भी खुल रही है। पिछले पांच दिन से अस्पताल पानी के लिए तरस रहा है।
^पूरी खबर पढ़े: source - DivyaHimachal
No comments:
Post a Comment