सुन्नी – माता-पिता अपने बच्चों को पालने के लिए कितनी जदोजहद करते है। जवानी में वे कोई ऐसा कदम उठा ले जो सारी उम्र दुःख का कारण बने तो उन माता-पिता के दिल पर क्या बीतती होगी, इसका अंदाजा भुक्तभोगी ही लगा सकता है। बसंतपुर के कदोग में जम्मू की नाबालिग द्वारा आत्महत्या के मामले में पीडि़त माता-पिता की यही मनोदशा है। जम्मू से मेहनत मजदूरी करने आया दंपती इस घटना से बेहद दुःखी है। ठेकेदार के पास मजदूरी करके अपना एवं अपने बच्चों के लालन-पालन में कोई कसर नहीं थी। पुलिस द्वारा की गई तहकीकात में लड़की ने गुस्से एवं सहनशक्ति न रखने के कारण ही इतना बड़ा कदम उठा लिया, जो कि उसके जीवन के लिए घातक हुआ ही साथ ही परिवार को भी उम्र भर का दर्द दे गया। जानकारी के अनुसार जम्मू के जिला रियासी के थलकोट गांव का लालचंद अपनी पत्नी के साथ ठेकेदार के पास मेहनत मजदूरी करता था। कार्य के चलते उन्हें एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ता है। वह पिछले कुछ समय से बसंतपुर में किराए के मकान में अपने बच्चों के साथ रह रहा था। कुछ महीने से दोनों पति-पत्नी गिरिपुल में कार्य कर रहे थे तथा बीच में बच्चों के पास भी आ जाते थे, जबकि फोन पर बच्चों से रोज संपर्क रहता था। अकसर माता-पिता अपने बच्चों को उनके बेहतर भविष्य के लिए डांट देते है। मां-बाप का यह गुस्सा स्थायी नहीं होता। पुलिस के अनुसार घटना से एक रोज पहले पिता का लड़की को डांटना ही आत्महत्या का कारण बना। घटना से एक रोज पहले लड़की का छोटा भाई किसी दोस्त के घर चला गया। वह दूसरे दिन सीधे वहीं से स्कूल चला गया। पिता ने इस बात पर नारजगी व्यक्त की तथा बड़ा होने के कारण भाई का ध्यान न रखने के लिए डांट दिया। लड़की ने इसी बात को दिल से लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने बिसरा एवं दुपटा जांच के लिए भेज दिया है। जांच अधिकारी रामआसरे ने बताया कि मामले में अन्य कोई भी पहलू उजागर नहीं हुआ है, जिससे मामला आत्महत्या का ही माना जाएगा।
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