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Friday, September 1, 2017

गर्भवती संग हैल्थ सर्विस की ‘मौत’

नेरवा/चौपाल— उपमंडल चौपाल के स्वास्थ्य संस्थानों में पसरी अव्यवस्थाओं ने एक और मासूम की जान लील ली। इन अव्यवस्थाओं की शिकार इस बार आठ माह की गर्भवती एक महिला हुई है। इस महिला ने अव्यवस्थाओं से लड़ते हुए नेरवा अस्पताल से शिमला ले जाते आधे रास्ते में दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक पूनम आयु (24) पत्नी सुरेश, गांव छाछड़, डाकघर थरोच को आठ माह का गर्भ था। बुधवार को पूनम की तबियत बिगड़ने पर उसके परिजन उसे नेरवा अस्पताल लेकर आए। नेरवा में जब उसकी तबियत में सुधार नहीं हुआ ,तो पूनम को शिमला के लिए रैफर कर दिया गया। परिजनों ने उसे शिमला ले जाने के लिए 108 को फोन किया, परंतु जब काफी समय तक 108 नहीं आई, तो उसे एक निजी जीप में शिमला ले जाने की व्यवस्था की गई। दरअसल 108 कुत्ते के काटे एक अन्य मरीज को लेकर शिमला गई थी। चौपाल से छह किलोमीटर आगे रियूणी पहुंचने पर 108 भी पहुंच गई व पूनम को उसमें शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई, परंतु तब तक पूनम के प्राण निकल चुके थे। परिजन उसे उसी गाड़ी में वापस चौपाल अस्पताल लेकर आए, जहां उसको मृत घोषित कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि उपमंडल चौपाल में स्वास्थ्य संस्थान वेंटिलेटर पर हैं। संस्थानों में न तो पूरा स्टाफ है, न कोई विशेषज्ञ चिकित्सक और न ही अन्य आवश्यक सुविधाएं। लोग चिकित्सकों व अन्य स्टाफ के रिक्त पदों को भरने व अन्य सुविधाएं जुटाने को लेकर सरकार से मांग करते-करते थक चुके हैं। नेरवा अस्पताल में अगर गायनी विशेषज्ञ व अन्य सुविधाएं होती ,तो शायद इस मासूम महिला व उसके पेट में पल रहे बच्चे की जान बच जाती। इस विषय में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी चौपाल डा. मयंक शर्मा ने बताया कि महिला की मौत शिमला ले जाते रास्ते में हुई थी व नजदीकी अस्पताल होने के चलते परिजन उसे चौपाल अस्पताल लाए थे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

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^पूरी खबर पढ़े: source - DivyaHimachal

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