
कांग्रेस में फूट ने भी बिगाड़ा खेल कांग्रेसके अंदर आपसी फूट भी उसके हार का बड़ा कारण बनी। बहुत से वार्डों में उसे अिधकृत प्रत्याशी के विरुद्ध अपनी ही पार्टी के लोगों ने ताल ठाेंकी। कई वार्डों में अगर कांग्रेस से एक ही व्यक्ति खड़ा होता तो वहां जीत हासिल होगी। एमसी चुनाव जीतने के लिए किए गए प्रयोग सभी विफल साबित हुए हैं। एमसी चुनावों में कांग्रेस को तो परिसीमन बचा पाया और ही बिना सिंबल के चुनाव करवाने का फार्मूला। धर्मशाला नगर निगम में कांग्रेस ने बिना सिंबल के चुनाव करवाने का दावं उल्टा पड़ गया है। पीसीसी का फैसला बना हार का कारण नगरनिगम चुनावों में प्रदेश कांग्रेस पार्टी का फैसला भी हार का कारण बना। कांग्रेस इस चुनावों में शुरू से ही पीछे दिख रही थी। भाजपा ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए थे। कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पहले कहा कि चुनाव बिना पार्टी सिंबल पर हो रहे हैं। पार्टी ने पहले प्रत्याशी घोषित करने का निर्णय लिया। इसके बाद पार्टी ने अपने अधिकृत प्रत्याशी घोषित किए। वो भी तब जब नाम वापस लेने का समय बीत चुका था। कांग्रेस...
^पूरी खबर पढ़े: source - Dainik Bhaskar
No comments:
Post a Comment