
नगरनिगम के चुनाव में इस बार माकपा को तगड़ा झटका लगा है। एमसी में पांच साल राज कर चुकी माकपा को एक ही सीट मिली। माकपा को अपने केवल गढ़ समरहिल में विजयी मिली। बाकी अन्य वार्डों में उनका एक प्रत्याशी नहीं जीत पाया। वर्ष 2012 के चुनाव में माकपा ने मेयर, डिप्टी मेयर समेत समरहिल और कैथू वार्ड में जीत हासिल की थी। माकपा ने चुनाव में 26 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। माकपा को मिले विपरीत जनादेश को पिछले पांच साल की असफलता से जोड़कर देखा जा रहा है। शहर के विकास करवाने के आरोप माकपा पर शुरू से लग रहे थे। जनता में इस बात को लेकर भी गुस्सा था कि मेयर और डिप्टी मेयर पांच साल में विदेश के दौरे की करते रहे, परन्तु उनका शहर को कोई लाभ नहीं मिला। इधर, माकपा नेता डॉ. ओंकार शाद ने जनादेश को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि माकपा एक सीट जीतने के साथ ही छह अन्य सीटों पर सेकंड रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि माकपा की हार पर पिछले चुनाव का कोई असर नहीं पड़ा है। हार के बावजूद सीपीआईएम के नेता जनता के हकों के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे। हार के जो भी कारण रहे होंगे उन पर मंथन किया जाएगा। भाजपा ने...
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