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Monday, May 8, 2017

एक साहित्यकार जिसके थे कई रंग...

श्रद्धांजलि दशकोंतक साहित्य, पत्रकारिता और समाजसेवा से जुड़े पंडित संतराम शर्मा के देहावसान से पुरानी पीढ़ी का खांटी पत्रकार और साहित्यकार खो गया। पंडित जी से मशहूर संतराम शर्मा का जन्म सोलन के समीप परहाड़-की-बेड़ में पंडित शोभाराम शर्मा के घर 18 मार्च, 1934 को हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा वीडी हाई स्कूल सोलन, जो अब सीनियर सेकंडरी स्कूल ब्वॉयज है, मैं हुई। वे शुरू से होशियार रहे। दसवीं अच्छे अंकों में पास की। उन्होंने अंबाला के एसडी कॉलेज से स्नातक की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में एमए की। इसके बाद दिल्ली के ही दयाल सिंह कॉलेज में अंग्रेजी के प्रवक्ता के रूप में सेवाएं दी। लेखन में रुचि के कारण वहां भी कुछ समय तक ही रहे और फिर सोलन लौट आए। संतराम शर्मा एक अच्छे पत्रकार, कवि, उपन्यासकार, कहानीकार और संस्कृत के भी ज्ञाता थे। अंग्रेजी हिन्दी में जहां उनका समान अधिकार था, वहीं संस्कृत, उर्दू और बघाटी में भी उनकी मजूबत पकड़ थी। अंग्रेजी के पत्रकार होने के बावजूद वे बघाटी बोली में बातचीत करते थे। उनके पास बघाटी बोली के शब्द, वाक्य और...
^पूरी खबर पढ़े: source - Dainik Bhaskar

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