
गेयटीमें श्री राजचंद्र मिशन धर्मपुर आश्रम की ओर से ‘युगपुरुष महात्मा के महात्मा’ नाटक की प्रस्तुति की गई। नाटक भारतीय इतिहास की कहानी प्रकट करता है। नाटक का मुख्य उद्देश्य मानवीय मुल्यों को उजागर करके सामाजिक उन्नति करना और शांतिपूर्ण समाज का निर्माण करना है। नाटक के डारेक्टर राजेश जोशी ने बताया कि युगपुरुष केवल एक नाटक ही नहीं है, बल्कि दर्शकों को होने वाला अनुभव भी है। नाटक में दो युगपुरुष महात्मा गांधी और राजचंद्रजी रंगमंच पर पुन: जीवित होते हैं। महात्मा गांधी आैर राजचंद्रजी के संघर्ष और उनके प्रयासों के बारे में बताया गया है। महात्मा गांधी ने भारत विश्व को सत्य, अहिंसा के मार्ग पर चलने के सिद्धांत दिए हैं। लेकिन राजचंद्रजी ने इन सिद्धांतों बनाया है और उनका मार्ग दर्शन किया है। नाटक के माध्यम से बताया गया है कि किस तरह महात्मा गांधी और श्रीमद रामचंद्रजी ने सत्य अहिंसा मार्ग को अपनाते हुए भारत को स्वतंत्रता दिलाई। यह भी बताया गया है कि महात्मा गांधी के वास्तविक गुरु कौन थे। करमचंद गांधी को महात्मा किसने बनाया। डारेक्टर ने कहा कि आज के...
^पूरी खबर पढ़े: source - Dainik Bhaskar
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