शिमला – तांगणू में चार लोग ऐसे भी थे, जिनको पता ही सोमवार चला कि उनके पीछे से उनका मकान जल गया है। ये लोग गांव से बाहर थे और अल सुबह ही बमुश्किल से यहां पहुचे। वह सोमवार सुबह तांगणू गांव पहुंचे जहां पर पहले से स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। आगजनी की खबर सुनने के बाद इन लोगों के होश फाख्ता हो गए। इनके नामों का खुलासा अभी नहीं हो पाया है, लेकिन वहां स्थानीय प्रशासन द्वारा इनको राहत राशि जारी कर दी गई है। घटना का जिक्र सुनते इनके पांव के नीचे से जमीन ही खिसक गई। बताया जाता है कि जब ये लोग गांव में पहुंचे तो इनके जले हुए आशियाने बर्फ के नीचे थे, जिनकी राख तक इन लोगों को नहीं मिल पाई। अन्य लोगों के साथ ये लोग भी रोते-बिलखते रहे, जिनको दूसरे लोग समझाते दिखे। तांगणू में हादसे के बाद ताजा बर्फबारी ने यहां के लोगों के साथ संपर्क बिलकुल काट दिया है। शिमला से प्रशासन तथा स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से इन लोगों को मदद के हाथ बढ़े थे, लेकिन ये हाथ उन तक नहीं पहुंच पाए हैं। अब सभी लोग मंगलवार का इंतजार कर रहे हैं, जब सड़क खुले और तांगणू के लोगों तक वह पहुंच पाएं। बताया जाता है कि सोमवार को यहां पर प्रशासन ने विशेष तौर पर सड़क खोलने के लिए मशीनरी लगाई है,लेकिन वह पूरा रास्ता नहीं खोल पाई। प्रशासन की तरफ से कई कठिनाइयों के बाद यहां कुछ राहत सामग्री पहुंचाई जा सकी, जिसे लेकर लोग पैदल वहां तक पहुंचे। तांगणू के लोग पहले ही आगजनी के कारण भारी मुसीबत में है,वहीं अब बर्फबारी ने उन तक मदद के हाथ रोक दिए हैं। उनके रिश्तेदार भी वहां पर नहीं पहुंच पाए। शिमला की कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं ने वहां के लिए राहत भेजने की कोशिश की,लेकिन उनके वालंटियर आधे रास्ते में ही रुक गए, वहीं जिला प्रशासन की ओर से मंगलवार को यहां पर अधिकारी पहुंचेगे, जो कि वहां राहत कार्यों का जायजा लेंगे।
नहीं पहुंचा कोई भी नेता
तांगणू के लोगों का दर्द बांटने के लिए वहां कोई राजनेता भी नहीं पहुंच पाया। अभी तक सरकार की ओर से किसी मंत्री की भी वहां पहुंचने की ड्यूटी नहीं लगी है। माना जा रहा है कि मौसम खुलने के बाद ही सरकार और नेता यहां के लोगों की सुध लेने को पहुंचेंगे।
पूरी खबर पढ़े >>
source: DivyaHimachal
No comments:
Post a Comment