रामपुर बुशहर – एक बार फिर अपर शिमला ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। बर्फबारी से लोगों की मुश्किलें बढ़ना स्वाभाविक है। अभी पहली बर्फबारी से ही कई इलाकों में जिंदगी पटरी पर नहीं लौटी है। वहीं फिर से बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। रविवार रात से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी व निचले इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। बर्फबारी के कारण यातायात प्रभावित हो गया है। हिमपात के कारण नेशनल हाई-वे-पांच यातायात के लिए पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। एनएच पर नारकंडा होकर वाहनों की आवाजाही सुबह से ही बंद है, जिस कारण रामपुर से शिमला के लिए बसों को वाया बसंतपुर और सुन्नी होकर भेजा जा रहा है। अगर मौसम इसी तरह बरसता रहा तो आने वाले दिनों में लोगों को और मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। बताते चलंे कि पिछले शुक्रवार को हुई बर्फबारी से अभी एनएच-पांच पर यातायात सही ढंग से शुरू भी नहीं हो पाया था कि एक बार फिर से वाया नारकंडा यातायात बाधित हो गया है। वहीं दूसरी ओर रोहड़ू सड़क भी बाधित हो गई है। बाहली, नरैंण और सुंगरी में बर्फबारी के चलते रामपुर-रोहड़ू मुख्य सड़क भी सोमवार सुबह से बंद है। इसके अतिरिक्त हिमपात के कारण रामपुर-गौरा-मशनू, खोलीघाट और ननखड़ी आदि सड़कों पर भी वाहनों की आवाजाही में ब्रेक लगी है। सोमवार को ननखड़ी के लिए ठारू, खोलीघाट को खड़ाहण और गौरा-मशनू सड़क पर मघारा तक ही बसें जा पाई। हिमपात से सड़कें बंद होने से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग मुश्किल में फंस गए हैं। जानकारी के मुताबिक रोहड़ू बस बशड़ी तक, किन्नू बस डोबी तक, मझाली बस देवठी तक, खमाड्डी बस पनैल तक, प्रेम नगर बस कोटगढ़ तक, फांचा बस गानवी तक, दरकाली बस बरशोल तक भेजी जा रही है। ऐसे में परिवहन विभाग भले ही लोगों को राहत देने में लगा हुआ है, लेकिन बर्फबारी ने लोगों की दिक्कतों को बढ़ा दिया है, जहां तक बसों को भेजा जा रहा है वहां से आगे पैदल सफर करना ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा बना हुआ है। ऐसे में इस सप्ताह मौसम का मिजाज बिगड़ा होने से लोग खासे परेशान हैं। परिवहन डिपो प्रबंधन के क्षेत्रीय अधिकारी जगरनाथ का कहना है कि करीब दस रूट इस बर्फबारी से प्रभावित हुए हैं। चालकों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वह स्नो बाउंड एरिया में बसों को रात में खड़ा न करें।
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source: DivyaHimachal
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