शिमला — शहर में पीलिया फैलने बाद अश्वनी खड्ड का पानी बंद होने से शुरू हुई नगर निगम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। अश्वनी खड्ड का पानी बंद होने से पैदा हुई पानी की किल्लत दूर करने के लिए कोटी बरांडी से पांच एमएलडी पानी लाया गया, लेकिन 90 के दशक में बिछाई गई यह पाइप लाइन इतने पानी का प्रेशर भी नहीं झेल पाई। इन दिनों भी इस लाइन से निगम को दो से अढ़ाई एमएलडी पानी ही मिल रहा है। सभी योजनाओं से निगम को करीब 30 से 32 एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है। यही कारण है कि इन दिनों राजधानी में लोगों को दूसरे-तीसरे दिन भी मुश्किल से पानी मिल रहा है। कोटी-बरांडी योजना के लिए जो पाइन लाइन बिछाई गई है वह स्पेशल एरिया डिवेलपमेंट के तहत करीब 26 साल पहले बिछाई गई थी। इस लाइन से पंथाघाटी-ब्योलिया क्षेत्र के लिए भी पानी की सप्लाई की जाती है। पंथाघाटी से ब्योलिया के बीच हर तीसरे दिन पाइप फट जाती है। इसके कारण सड़क खोदनी पड़ती है। इसके कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में अब लोगों ने निगम के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है और खुदाई पर आपत्ति जताई है। ऐसे में नगर निगम ने इस योजना के लिए नई पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए नगर निगम ने तीन करोड़ 80 लाख रुपए का एस्टीमेंट तैयार किया है। अब इसे पास करवाने के लिए आईपीएच विभाग को भेजा गया है।
इसलिए भेजा आईपीएच को प्रोपोजल
नगर निगम में अधिक्षण अभियंता को दो करोड़ 25 लाख रुपए तक की योजनाओं को मंजूरी देने का अधिकार है। इससे अधिक के प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम को आईपीएच की अनुमति लेनी पड़ती है। यही कारण है कि निगम ने यह प्रस्ताव आईपीएच को भेजा है।
निगम के ठेकेदार से जवाब तलब
केबल बिछाने में सड़कों की खुदाई के लिए जेसीबी मशीन का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। खासकर उन स्थानों पर जहां पर पानी की पाइन लाइन बिछी हो। ऐसे ही एक मामले में नगर निगम ने ऑकलैंड के पास जेसीबी से खुदाई के दौरान पाइप को नुकसान पहुंचने पर निगम ने संबंधित ठेकेदार से जवाब तलब किया है।
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source: DivyaHimachal
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