कुल्लू — सूचना के अधिकार के तहत अधूरी सूचना देने के संबंध में स्वास्थ्य सेवाओं के शिमला स्थित निदेशक ने कुल्लू के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को रिपोर्ट सहित तलब किया है। आरटीआई एक्ट के अपील अंडर सेक्शन 19 के तहत 23 अप्रैल को शिमला में शिकायत की सुनवाई रखी गई है, जिसमें शिकायतकर्ता और सीएमओ दोनों को उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। जोनल अस्पताल कुल्लू में मैस-कैंटीन की नीलामी प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। एक फर्म ने 16 लाख रुपए से अधिक की बोली लगाई, लेकिन बाद में एक अन्य पार्टी को महज तीन लाख रुपए में कैंटीन का ठेका आबंटित कर दिया गया। इतना ही नहीं, ब्लैक लिस्टेड की गई फर्म के संचालक को इसमें गवाह बनाना भी कम चौकाने वाला नहीं है। कुल्लू के यादवेंद्र सिंह की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के निदेशक एवं अपीलेंट अथारिटी ने कुल्लू के सीएमओ को रिपोर्ट सहित शिमला तलब किया है। यादवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने पिछले साल दिसंबर में पत्र लिखकर रोगी कल्याण समिति के तहत जोनल अस्पताल कुल्लू में संचालित होने वाली कैंटीन की नीलामी से संबंधित जानकारी मांगी थी। विभाग के साधारण पत्र के जरिए मिली सूचना के मुताबिक उन्होंने 41 रुपए बतौर रजिस्ट्री डाक खर्च भी जमा करवा दिए, जबकि इसके एक माह बाद उन्हें साधारण डाक से ही आधी अधूरी सूचना दी गई, जो सूचना के अधिकार का खुला उल्लंघन है। स्वास्थ्य सेवाओं द्वारा कुल्लू के सीएमओ को इस संबंध में भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि मीडिया को भी जारी की गई है।
from Divya Himachal
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