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Sunday, April 13, 2014

पड़ोसी राज्यों से बिजली आपूर्ति बंद


शिमला — सर्दियों में हिमाचल की बिजली जरूरत पूरी करने वाले पड़ोसी राज्यों से बैंकिंग की बिजली लेना बंद कर दिया गया है। प्रदेश के अपने संसाधनों से पर्याप्त बिजली उपलब्ध है, लिहाजा पड़ोसी राज्यों से होने वाली सप्लाई बंद कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार पिछले सालों की अपेक्षा इस दफा दूसरे प्रदेशों से अधिक बिजली ली गई है। इस साल 900 मिलियन यूनिट से अधिक की बिजली इन राज्यों ने प्रदेश को बैंकिंग के माध्यम से दी है, जिसे 15 मई के बाद हिमाचल इन राज्यों को वापस करेगा। मई महीने में इन मैदानी क्षेत्रों को हिमाचली बिजली की अत्यधिक जरूरत रहती है। वहां गर्मियों में बिजली का संकट रहता है, ऐसे में हिमाचल इनकी जरूरत को पूरा करता है। न केवल हिमाचल से इन राज्यों को बैंकिंग की पूरी बिजली वापस की जाती है, बल्कि कॉन्ट्रा बैंकिंग में अतिरिक्त बिजली दी जाती है, जो बाद में वापस मिलती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश को मौजूदा दिनों में 240 लाख यूनिट रोजाना बिजली की जरूरत है, जबकि प्रदेश के पास अपने संसाधनों से 243 लाख यूनिट बिजली उपलब्ध है। मांग और आपूर्ति को देखते हुए हिमाचल ने पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा व दिल्ली से हो रही सप्लाई को बंद करने का फैसला लिया। बिजली बोर्ड के अपने पावर हाउसों में 60 लाख यूनिट रोजाना बिजली उत्पादित की जा रही है। इसके अतिरिक्त वास्पा से 12 लाख यूनिट बिजली रोजाना मिल रही है, वहीं स्वतंत्र बिजली उत्पादकों से 40 लाख यूनिट बिजली रोजाना दी जा रही है। 120 लाख यूनिट बिजली रोजाना केंद्रीय परियोजनाओं में हिस्सेदारी की मिल रही है, वहीं शेष सरकारी शेयर की बिजली उपलब्ध है। ऐसे में यहां पर बिजली का संकट समाप्त हो चुका है और बिजली क्षेत्र में कई महीने बाद हिमाचल दोबारा से आत्मनिर्भर हो गया है। 15 मई से पड़ोसी राज्यों को बिजली वापस देने का काम शुरू होगा, जिसके लिए हिमाचल ने इनके साथ समझौता कर लिया है।







from Divya Himachal

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