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Tuesday, April 1, 2014

प्रचार से अटल-आडवाणी गायब

कुल्लू — हिमाचल की चुनावी फिजा से इस बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी गायब हैं, तो प्रचार में एलके आडवाणी के पोस्टर-बैनर भी ढूंढे से नहीं मिल रहे। इतना ही नहीं आने वाले दिनों में मंडी, शिमला और कांगड़ा में प्रस्तावित चुनावी रैलियों में भी प्रदेश भाजपा ने श्री आडवाणी को नजरअंदाज करते हुए नरेंद्र मोदी की हाइकमान से मांग कर डाली है। बता दें कि पिछले आम चुनाव में एलके आडवाणी ही हिमाचल में बीजेपी के स्टार प्रचारक रहे थे। इस बार प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के बड़े-बड़े होर्डिंग्ज और बैनरों से प्रदेश भाजपा प्रचार मुहिम छेड़े हुए है। अस्सी के दशक की शुरुआत में भाजपा के गठन से लेकर हर आम चुनाव और विधानसभा चुनाव में प्रदेश भाजपा इकाई अपने दो शीर्ष नेताओं श्री वाजपेयी और श्री आडवाणी के नाम पर ही वोटरों को लुभाती आई है। मंडी, कुल्लू से लेकर कांगड़ा, हमीरपुर और सोलन-शिमला में जगह-जगह नरेंद्र मोदी के बैनरों और पोस्टरों से सियासी माहौल गरमाया हुआ है। पिछले आम चुनाव में भाजपा ने अटल के भाषणों की सीडी से प्रचार कर मतदाताओं को रिझाने का प्रयास किया था, लेकिन हैरतअंगेज रूप से इस आम चुनाव में अटल के स्वर सुनाई नहीं दे रहे। अटल बिहारी वाजपेयी के बीमार होने के बाद मनाली के समीप प्रीणी गांव स्थित उनके घर में पिछले कई सालों से सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि चुनावी वेला पर प्रदेश भाजपा ने अचानक अटल को भुला दिया है। सत्तारूढ़ कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भी नरेंद्र मोदी पर हमला तेज कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव सुंदर सिंह ठाकुर कहते हैं कि नरेंद्र मोदी ने पार्टी में अपने वरिष्ठ एलके आडवाणी के साथ ही केशुभाई पटेल के साथ क्या किया है, यह सब जानते हैं। अब मोदी के इशारे पर ही भाजपा नाच रही है। उधर, प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता अजय राणा के मुताबिक अटल और आडवाणी पार्टी के शुरू से ही मार्गदर्शक रहे हैं, उन्हें पार्टी कहीं भूली नहीं है, इसको लेकर अफवाहें फैलाने से कांग्रेसी बाज आएं।






from Divya Himachal

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