Friday, March 7, 2014

बस्सी प्रोजेक्ट की टरबाइन ने पकड़ी रफ्तार


himachal pradesh newsजोगिंद्रनगर — तापमान बढ़ते ही जोगिंद्रनगर के हाइडल प्रोजेक्टों में बिजली का उत्पादन बढ़ने लगा है। इसके साथ ही बस्सी पावर प्रोजेक्ट की एक टरबाइन ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है, जिससे प्रोजेक्ट के बिजली उत्पादन में चार मेगावाट प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, प्रोजेक्ट की अन्य तीन टरबाइनें अभी भी बंद हैं। आधिकारिक स्तर पर इन टरबाइनों से भी शीघ्र ही बिजली पैदा होने की संभावना जताई गई । जोगिंद्रनगर में राज्य विद्युत परिषद के सबसे पुराने हाइडल प्रोजेक्टों में शुमार बस्सी पावर प्रोजेक्ट के अंदर विद्युत उत्पादन में उछाल आने से बैंकिंग सिस्टम पर आ रही बाहरी राज्यों की बिजली पर निर्भरता कम होने की शुरुआत भी हो गई है। अब जिस रफ्तार से पारा चढ़ेगा, उसी रफ्तार से प्रोजेक्ट में बिजली का उत्पादन भी बढ़ेगा। ठंड से प्रोजेक्ट में पिछले तीन महीने से बिजली के उत्पादन पर ब्रेक लगी हुई है। उहल नदी का पानी जाम होने के कारण प्रतिघंटा 66 मेगावाट बिजली पैदा करने वाले बस्सी हाइडल प्रोजेक्ट में बिजली का उत्पादन महज नौ मेगावाट प्रतिघंटा ही रह गया था, जिससे एक घंटे में 57 मेगावाट बिजली उत्पादन की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन अब मौसम के करवट बदलते ही बुधवार से इसके उत्पादन में उछाल आना शुरू हो गया। प्रोजेक्ट के अंदर धीमी गति से चल रही एक टरबाइन की रफ्तार में तेजी आने से न्यूनतम उत्पादन नौ मेगावाट प्रतिघंटा से बढ़कर अब 13 मेगावाट तक बढ़ गया। तापमान चढ़ते ही बर्फ और थमसर के ग्लेश्यिर पिघलने से उहल का जलस्तर बढे़गा तो उसके साथ ही बस्सी पावर प्रोजेक्ट का बिजली उत्पादन भी पटरी पर लौट आएगा।







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