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Saturday, July 20, 2013

..तो इस बार भी जिंदगी लगेगी दांव पर!

प्रतिनिधि, चिंतपूर्णी : मालवाहकों में सवारियों का सफर करना और उसके बाद हादसों पर हादसे..। सच यह भी है कि इससे न तो उन श्रद्धालुओं ने आज तक कोई सबक सीखा है, जो हर वर्ष यात्रा के लिए इसी खतरनाक सफर का सहारा लेते हैं और न ही स्थानीय प्रशासन की 'मूकदर्शक' वाली भूमिका में कोई फर्क पड़ता नजर आ रहा है। बरसों से धार्मिक स्थलों पर धार्मिक स्थलों पर ट्रकों व अन्य मालवाहकों से आ रहे हजारों श्रद्धालुओं को प्रदेश की सीमा पर रोकने का दावा महज कागजी बातों तक सीमित होकर रह गया है। ठीक एक पखवाड़े बाद उत्तर भारत



source: Jagran

Full Story at: http://www.jagran.com/himachal-pradesh/una-10581450.html


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