Wednesday, July 17, 2013

झटके करवा रहे 1905 की तबाही का एहसास

मनोज कुमार, भरमौर


बुजुर्गो द्वारा सुनाई जाने वाली 1905 की भूकंप तबाही की दास्तां लोगों के रोंगटे खड़े कर देती है। लगातार तीन दिन से यहां भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं, जिससे जनजातीय क्षेत्र में दहशत का माहौल है। आलम यह कि लोग नए घरों को छोड़ कर पुराने घरों में रातें बीता रहे हैं। जहां वह अपने आपको सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।


गांववासी दिलवर, राकेश कुमार, मंजीत, हुक्मी और दौलत राम बताते हैं कि इसलिए भय बढ़ रहा है कि भूकंप के झटके रात को नियमित रूप से लगभग निर्धारित समय पर आ रह



source: Jagran

Full Story at: http://www.jagran.com/himachal-pradesh/chamba-10570634.html


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