नाहन — जिला सिरमौर में बागबानी विभाग के अंतर्गत जिला के धौलाकुआं व राजगढ़ स्थित फल विधायन केंद्र प्रतिवर्ष विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। इन फल विधायन केंद्रों में जहां स्थानीय किसानों की कई टन फल व सब्जियोंं की खपत हो रही है, वहीं इन केंद्रों में तैयार उत्पाद उपभोक्ताओं के आकर्षण का भी केंद्र बने हुए हैं। जिला के बागथन व राजगढ़ क्षेत्र में नाशपती, आड़ू व टमाटर की अधिक पैदावार को देखते हुए बागथन व राजगढ़ में फल विधायन केंद्र की स्थापना की गई थी। इन केंद्रों में स्थानीय बागबानों की आड़ू, नाशपती, टमाटर, सेब, लहसुन व अदरक के उत्पाद को खरीदकर जहां स्थानीय किसानों को लाभ मिल रहा है, वहीं इन केंद्रों में निर्मित उत्पाद हाथोंहाथ बिक रहे हैं। इन केंद्रों में जैम, अचार, चटनी, मुरब्बा, शरबत जैसे शीत पेय पदार्थ के अलावा हर्बल उत्पाद जिसमें ब्रह्म्ी, तुलसी, बुरांस, भेल, ऐलोवेरा, आंवला आदि शामिल है से भी पदार्थों का उत्पादन किया जा रहा है। ये उत्पाद जिला के साथ-साथ अन्य जिला व राज्य में भी धड़ाधड़ बिक रहे हैं। यही नहीं इन केंद्रों में महिला मंडलों, बागबानों व किसानों के साथ-साथ स्वयं सहायता समूह व स्कूली बच्चों को भी घरेलू स्तर पर आजीविका के साधन बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब विभाग इन केंदों में हर्बल पदार्थों के उत्पाद पर सयंत्र लगाने की योजना बना रहा है। फल विधायन केंद्र धौलाकुआं व राजगढ़ में इस वर्ष निर्मित फल पदार्थों का उत्पादन जहां धौलाकुआं में 34 टन हुआ, वहीं राजगढ़ में 23.3 टन का उत्पादन हो चुका है। अर्द्धनिर्मित फल पदार्थों का उत्पादन 8.8, 8.6 फल एवं सब्जियों का उपयोग 12.5 एवं 31, सामुदायिक सेवा योजना के अंतर्गत निर्मित फल पदार्थ 0.5 व 3.6 टन, जबकि सामुदायिक सेवा के अंतर्गत लाभान्वित लोगों की संख्या धौलाकुआं में 40 तथा राजगढ़ में इस वर्ष 121 रही। इन केंद्रों में फल परिरक्षण में विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, जिसके अंतर्गत धौलाकुआं में 15 तथा राजगढ़ में पांच प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए। बागबानी उपनिदेशक जिला सिरमौर डा. एसके शर्मा ने बताया कि जिला सिरमौर के धौलाकुआं व राजगढ़ स्थित फल विधायन केंद्र में तैयार किए जा रहे विभिन्न प्रकार के उत्पाद की बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि धौलाकुआं स्थित फू्रट कैनिंग यूनिट में वर्ष 2012-13 के लिए 1,04,88,600 रुपए का बजट जारी हुआ था, जिसमें से 74.30 लाख रुपए की राशि खर्च की जा चुकी है।
source: DivyaHimachal
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