तपोवन –पीरियड वेसिस एसएमसी अध्यापक एसोसिएशन जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास ठाकुर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिला व उनके समक्ष अपनी मांगों को रखा। एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास ठाकुर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 2630 एसएमसी अध्यापकों जेबीटी, टीजीटी, पीजीटी, सी एडं वी सरकारी स्कूलों में पीरियड आधार पर कार्यरत पांच साल से अधिक समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विकास ने बताया कि सभी एसएमसी अध्यापक पूर्व सरकार द्वारा बनाई गई 17 जुलाई, 2012 की पॉलिसी द्वारा नियुक्त किए गए हैं। सभी 2630 एसएससी अध्यापक भर्ती एवं पदोन्नति के अनुसार आरटीई के लिए जरूरी सभी शैक्षिणक योग्यता को पूरा करते है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इन अध्यापकों को पीटीए जीआईए की तर्ज पर कैजुअल लीव व मैटरनिटी लीव का प्रावधान किया जाए, क्योंकि एसएमसी अध्यापकों को सात साल से किसी भी प्रकार का अवकाश नहीं मिल रहा है, जो कि श्रम कानून का उल्लंघन है। एसएमसी अध्यापकों को पीटीए के समांतर वेतन का प्रावधान प्रदेश सरकार द्वारा किया जाए।
क्या आपने करवाई है एचआईवी जांच
शिमला-समय पर एचआईवी जांच करवाई जाए, जिससे इस बीमारी से बचा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश भर में दिसंबर माह को एड्स जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत शुक्रवार को स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड कुमार हाउस में एड्स जागरूकता वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस जागरूकता शिविर में दीन दयाल उपाध्याय शिमला हास्पिटल के जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. अशोक चौहान ने स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड कुमार हाउस के अधिकारियों व कर्मचारियों को एड्स के प्रति जागरूक किया। डा. चौहान ने बताया कि जागरूकता ही इसकी रोकथाम का उपाय है। उन्होंने कहा कि एड्स से संक्रमित व्यक्ति से हमें नफरत की भावना से पेश नहीं आना चाहिए, बल्कि एड्स जैसी बीमारी से लड़ने में प्रोत्साहन देना चाहिए। इस अवसर पर स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड कुमार हाउस के डा. एएस. नेगी ने भी एड्स के प्रति अपनी जानकारी अधिकारियों व कर्मचारियों से बांटी। इस अवसर पर डा. रविंद्र शर्मा व रजनी सहित बोर्ड के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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Courtsey: Divya Himachal
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