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Wednesday, December 4, 2019

सरकारी स्कूलों में सरकार लागू करेगी खेल नीति

शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग को प्रपोजल बनाने के दिए निर्देष

स्कूलों में छात्र अब पॉलिसी में शामिल खेल गतिविधियों में ही ले पाएंगे हिस्सा

टूर्नामेंट में पांच से छः शिक्षकों के जाने की परंपरा भी होगी समाप्त

शिमला-हिमाचल के सरकारी स्कूलों में अब स्पोट्स पॉलिसी लागू होगी। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए यह पॉलिसी लागू करना जरूरी है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित बैठक में यह फैसला लिया गया। इस बैठक में शिक्षा प्रधान सचिव केके पंत, उच्च शिक्षा निदेशक अमरजीत, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जम्वाल, समग्र शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष कोहली मौजूद हुए। बैठक में सरकारी शिक्षा को बेहतर करने को लेकर चर्चा की गई, जिसमें स्पोट्स पॉलिसी का फैसला अहम रहा। शिक्षा मंत्री ने शिक्षा अधिकारियों को निर्देष दिए की वह स्पोट्स पॉलिसी को लेकर प्रपोजल तैयार करें। बताया जा रहा है कि स्कूलों की स्पोट़स पॉलिसी में कई चीजें शामिल की जाएंगी। जिसमें साल भर प्राइमरी से लेकर सकेंडरी स्कूलों के छात्रों को कितनी खेल प्रतियोगिता में भाग लेना है, यह तय किया जाएंगा। अहम यह है कि सरकार व शिक्षा विभाग की नई स्पोट्स पॉलिसी में प्राइमरी स्कूलों में छात्रों के राज्य स्तरीय प्रतियोगिता पर भी रोक लगाए जाने की बात की जा रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार कक्षा एक से पांचवी तक के छात्रों को केवल ब्लॉक व जिला स्तर पर ही खेलने के लिए भेजा जाएंगा। वहीं मिडल से सकेंडरी तक के छात्र राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते है। शिक्षा विभाग की मांग पर सरकार ने सरकारी स्कूलों में स्पोट्स पॉलिसी बनाने पर सहमति जता दी है। दरअसल शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को सरकार के समक्ष इस पक्ष को रखा है कि स्कूलों में साल भर चलने वाली विभिन्न खेल प्रतियोगिता की वजह से छात्रों की पढ़ाई पर बूरा असर पढ़ रहा है। टुर्नामेंट के समय छात्रों के साथ कई सभी शिक्षक चले जाते है। इस वजह से बाकी छात्रों की कक्षाएं भी बाधित होती है। शिक्षा विभाग ने सरकार को यहां तक बताया कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक कई बार टुर्नामेंट में जाकर पार्टी तक करते है। ऐसे में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की छवीं भी खराब होती है। शिक्षा विभाग ने इन्हीं कारणों को बताते हुए सरकारी स्कूलों में स्पोट्स को लेकर अलग पॉलिसी बनाने का फैसला लिया है। बता दें कि शिक्षा विभाग खुद चाहता है कि स्कूलों में स्पोट्स को लेकर अलग पॉलिसी बनें, जिसके अनुसार साल भर स्पोट्स की गतिविधियां स्कूलों में आयोजित करवाई जाएं। अहम यह है कि स्पोट्स पॉलिसी अगर प्रदेश में लागू हो जाती है, तो इससे सकूल प्रबंधन छात्रों को अपनी मर्जी से खेल गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए बाहरी राज्यों में नहीं भेज सकते है। किसी भी स्पोट्स गतिविधि में हिस्सा लेने के लिए शिक्षा विभाग व सरकार से मंजुरी लेना अनिवार्य किया जाएंगा। बताया जा रहा है कि इस बाबत जल्द ही कोई फैसला सरकार लेंगी। हांलाकि प्रदेश में अगर स्पोट््स पॉलिसी को लेकर कोई फैसला हो जाता है, तो इससे कई फायदें होंगे। शिक्षा विभाग की खेल पॉलिसी में टुर्नामेंट में जाने वाले छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी नियम बनाएं जाएंगे। इसके साथ ही यह भी तय किया जा सकता है कि संख्या के आधार पर ही टुर्नामेंट में छात्रों के साथ शिक्षक भेंजे जाएं। खेल पॉलिसी में शिक्षक व छात्रों के  नियमों को फाइनल किया जाएंगा।

पढ़ाई छोड़ सभी गतिविधियों का भी होगा अलग शैड्यूल

बता दें कि पढ़ाई के अलावा स्कूलों में होने वाली अन्य गतिविधियों को लेकर भी पहले ही शैड्यूल बनाया जाएंगा। जिसमें यह तय किया जाएंगा कि साल भर होने वाली स्वछता रैली, और खेल गतिविधियों से लेकर टीचर टे्रनिंग कब करवानी है। सचिवालय में हुई बैठक में शिक्षा मंत्री ने इसको लेकर शैड्यूल बनाने के आदेश दिए है।

800 स्कूलों में शुरू होगी स्मार्ट कक्षाएं

बैठक में सरकारी स्कूलों के क्लासरूम को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने पर भी शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों से बैठक में चर्चा की। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 800 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट यानी की आईसीटी लैब के लिए करोड़ो का बजट आ गया है। वहीं जल्द ही ऑनलाइन क्लासरूम का कार्य जल्द पूरा किया जाएंगा।

 

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Courtsey: Divya Himachal

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