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Friday, November 10, 2017

काम करवाए…अब बस यही उम्मीद है

13वें विधानसभा चुनावों में एक बड़ी भूमिका युवा वर्ग की रहेगी। राज्य में करीब 46 फीसदी मतदाता युवा वर्ग का है। वहीं इस बार 40 हजार से ज्यादा 18-19 साल की आयु वर्ग के नए वोटर भी मतदाता सूची में शामिल किए गए थे। यह वो वर्ग हैं जो आकांक्षाओं से भरा है। अबकी बार चुनावों में इन नए वोटरों में काफी उत्साह देखा गया। पहली बार मतदान कर रहे इन वोटरों को अपने उम्मीदवारों से बड़ी उम्मीदें हैं और इसको देखते हुए उन्होंने अपने मत का इस्तेमाल किया है।

-स्टाफ रिपोर्टर, शिमला

बस ईमानदार हो उम्मीदवार

पहली बार विधानसभा चुनावों में अपने उम्मीदवार का चयन कर रही दीक्षा चाहती हैं कि  उनका प्रतिनिधि ईमानदार हो। इससे कोई मतलब नहीं कि वह किस पार्टी का है। वह ईमानदारी से काम करे, बस इसी उम्मीद से ही वोट डाला है।

ईमानदारी से करे क्षेत्र का विकास

पहली बार मतदान कर रही प्रिया का भी यही कहना था कि वह एक ईमानदार प्रतिनिधि अपने इलाके से चाहती हैं। ऐसा विधायक  हो जो ईमानदारी से क्षेत्र का विकास करे। लोगों की समस्याओं को हल करे। ऐसी आशा से उन्होंने मतदान किया है।

एक बड़ी जिम्मेदारी समझकर डाला वोट

रचना का कहना है कि उनके लिए पहली बार मतदान करने का यह मौका नहीं है बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। वह यह सोचकर मतदान कर रही हैं कि उनका प्रतिनिधि गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों के मसलों को समक्ष उठाएगा।

प्रतिनिधि से बड़ी उम्मीदें हैं

नेहा का कहना है कि उनको अपने प्रतिनिधि से बड़ी उम्मीदें हैं। उन्होंने यह सोचकर मतदान किया है कि उनका प्रतिनिधि युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा को  बढ़ावा देने के लिए काम करे। हां, सबसे बड़ी बात यह है कि महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें।

पहली बार मतदान कर खुश हूं

दीपा कहती हैं कि उनको पहली बार मतदान करते हुए खुशी हो रही हैं। क्योंकि अब उनकी भी अपने प्रतिनिधि को चुनने में सहभागिता हुई है। दीपा का कहना है कि उन्होंने यह सोचकर अपने वोट दिया है कि वह रोजगार की ओर ध्यान देंगे।


^पूरी खबर पढ़े: source - DivyaHimachal

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