
किदार अदबी ट्रस्ट पंचकुला और भंडारी अदबी ट्रस्ट चंडीगढ़ के तत्वावधान से सोलन में शाम-ए- गजल कार्यक्रम में भाग लेते रचनाकार। भास्कर न्यूज | सोलन किदारअदबी ट्रस्ट पंचकूला और भंडारी अदबी ट्रस्ट के तत्वावधान से सोलन में शाम-ए- गजल कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें चंडीगढ़, मोहाली पंचकूला के नामी लेखकों ने अपनी रचनाओं से समा बांधा। कार्यक्रम में पंजाब साहित्य अकादमी की अध्यक्ष सरबजीत कौर, जाने माने कवि केदारनाथ केदार, अशोक भंडारी नादिर, सिरीराम अर्श, गुलदीप गुल, गुरविंद्र सिद्धू, दीपक चनार्थल, गणेशदत्त, इंद्र वर्षा, कमल दौसांझ ने अपनी-अपनी रचनाएं पेश कर वाहवाही लूटी। इस बहुभाषी कार्यक्रम में रचनाकारों ने हिन्दीं, पंजाबी उर्दू में अपनी रचनाएं पढ़ी। सिरीराम अर्श ने कहा... नित नवें जंगल नू जेकर बम्ब लाबू लाणगे, आलणे फिर केणेआ बिरखां ते पंछी पौणगे। अशोक नादिर ने फरमाया... खुदा करे कि दिल्ली, लाहौर की नफरत पानी में बह जाए, आंसू बन के बह जाए तो ये मोहब्बत की तस्वीर है। केदारनाथ केदार ने कुछ यूं कहा, पुच्छदे हो मेथों मेरी जिंदगी के बारे, कट गई है उम्र सारी मालिक...
^पूरी खबर पढ़े: source - Dainik Bhaskar
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