Show your support

Tuesday, January 17, 2017

बारिश-बर्फबारी बागबानों के लिए संजीवनी

नेरवा, चौपाल – ताजा बारिश व बर्फबारी एक ओर, जहां किसानों बागबानों के लिए संजीवनी बन कर बरसी है, वहीँ आम लोगों के लिए यह आफत बन कर आई है। इस बारिश को सेब, स्टोन फू्रट, टमाटर अन्य सब्जियों व फसलों के लिए अति महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। बर्फबारी से सेब की फसल के लिए आवश्यक चिलिंग आवर पूरे होने से सेब की बंपर फसल की उम्मीद जग गई है। सेब की सपर वैरायटी व स्टोन फू्रट के लिए आवश्यक चिलिंग आवर पूरे होने के लिए पहली बर्फबारी को ही पर्याप्त माना जा रहा था। अब इस बर्फबारी को सोने पर सुहागा माना जा रहा है। इससे सेब की रॉयल व अन्य परंपरागत किस्मों के लिए आवश्यक चिलिंग आवर पूरे होने की उम्मीद जग गई है। यही नहीं इससे सूखने की कगार पर पंहुंच चुके जल स्रोत भी काफी हद तक रिचार्ज हो चुके हैं। उधर आम लोगों के लिए यह बारिश व बर्फबारी एक बार फिर से आफत लेकर आई है। एक हफ्ते बाद दो दिन पूर्व खुला शिमला-चौपाल मार्ग एक बार फिर से बंद हो गया है। बिजली विभाग अभी तक पहली बर्फबारी के बाद पूरी तरह बिजली बहाल कर भी नहीं पाया था। इस बर्फबारी के बाद पूरा उपमंडल चौपाल एक बार फिर से अंधेरे में डूब गया है। उल्लेखनीय है कि सात जनवरी को हुई बर्फबारी से 20 घंटे पहले ही चौपाल नेरवा की बत्ती गुल हो गई थी, जिसे विभाग सात दिन की कड़ी मशक्कत के बाद 12 जनवरी को बहाल कर पाया था, जबकि उपमंडल के कई क्षेत्र अभी तक अंधेरे में ही डूबे थे। इस बर्फबारी के बाद आम लोगों के साथ-साथ विद्युत बोर्ड व लोक निर्माण विभाग की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। लोगों को चिंता सताने लगी है कि यदि बिजली बोर्ड पहले की तरह समय पर बिजली बहाल नहीं कर पाया तो कड़ाके की ठंड में उनके रोजमर्रा के कार्य कैसे होंगे व उनका जीवन कैसे गुजरेगा। लोगों ने सरकार से गुहार लगाई है कि जिला शिमला के दूरदराज क्षेत्र चौपाल में बिजली, पानी व सड़क सुविधाओं को सुचारू रूप से बहाल रखने के लिए विशेष रूप से अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं।


पूरी खबर पढ़े >>
source: DivyaHimachal

No comments:

Post a Comment