शिमला — प्रदेश हाई कोर्ट ने मंडी हादसे की जांच रिपोर्ट पर सरकार द्वारा की जाने वाली कार्रवाई के संदर्भ में मुख्य सचिव को आदेश दिए कि वह 23 जून तक कोर्ट में रिपोर्ट पेश करें। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर व न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने इंजीनियरिंग कालेज को निर्देश दिए कि वह हल्फनामा दायर कर न्यायालय को बताएं कि शैक्षणिक टूअर किसकी अनुमति से आर्गेनाइज किया गया था और बच्चों के अभिभावकों को इस संदर्भ में बताया गया था या नहीं। कोर्ट ने डिवीजनल कमिश्नर मंडी, एचपीएसईबी के महानिदेशक को अगली पेशी पर हाजिर होने से छूट दे दी। प्रदेश सरकार ने डिवीजन कमिश्नर मंडी की जांच रिपोर्ट को उच्च न्यायालय में पेश किया। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि लारजी प्रोजेक्ट ने हादसे के दिन बैराज कंट्रोल रूम के अधिकारी पानी की मात्रा का अनुमान लगाने में पूरी तरह असफल रहे, अन्यथा 15 मिनट के भीतर 300 क्यूबिक पानी छोड़ने की आवश्यकता नहीं थी।
from Divya Himachal
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