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Monday, July 22, 2013

मां! मेरी क्या है खता..


सीमा कश्यप, शिमला


मां..मेरी गलती क्या है, जो तुमने मुझे अंधेरी कोठरी में भेज दिया। तुम मुझे इतनी बड़ी सजा क्यों दे रही हो। टपकती छत और सीलन भरी दीवारों वाले बंद कमरे में मेरा दम घुटने लगा है। आखिर और कब तक मुझे यह सहना पड़ेगा। औपचारिकता के लिए खोले आंगनबाड़ी केंद्र में आने वाला हर बच्चा मन में शायद अपनों से यही सवाल करता होगा। जब उसे बैठने के लिए जहां गीली टाट मिलती है और कमरे में सिर पर टपकता पानी।


यह किसी सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र की बात नहीं है बल्कि शिमला शहर



source: Jagran

Full Story at: http://www.jagran.com/himachal-pradesh/shimla-10585985.html


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