Friday, June 28, 2013

पितू माल में 20 प्रतिशत कटौती मंजूर नहीं


ठियोग — ठियोग-कुमारसैन भाजपा किसान मोर्चा ने आढ़ती एसोसिएशन के उस फैसले का पुरजोर विरोध किया है, जिसमें आढ़ती एसोसिएशन ने सेब के ग्रेड में बिकने वाले पितू माल में 20 प्रतिशत तक की कटौती किए जाने की बात कही थी। किसान मोर्चा के अध्यक्ष अजय जरेट ने सहित कई अन्य बागबानों ने प्रदेश सरकार तथा बागबानी मंत्री से विशेष रूप से आग्रह किया है कि आढ़ती एसोसिएशन द्वारा लिए गए इस निर्णय के खिलाफ सरकार आढ़तियों पर दबाव बनाएं, जिससे कि बागबानों को सेब का सही मूल्य मिल सके। अजय जरेट सहित बागबान देवेंद्र जिस्टू चमन लाल, हरीश श्याम, मुनीष राठौर, राजेंद्र चौहान, अमर सिंह कौल, यमन सरकैक, कुशाल मखैक, प्रताप गरैक, केआर के अलावा कई अन्य बागबानों ने कहा है कि गत दिनों नारकंडा से परमाणू तक के सभी आढ़तियों के द्वारा एक बैठक की थी, जिसमें सेब सीजन को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई थी। अजय जरेट ने कहा कि बैठक में इस बीच लगने वाली मंडियों तथा उनके लाइसेंस व बाहर की बड़ी मंडियों में लदानियों द्वारा की जाने वाली मनमानी सहित कई अन्य प्रमुख मुद्दों पर बहस हुई, जिसमें बागबानों के पितू माल में 20 प्रतिशत की मार्केट रेट कटौती किए जाने का भी प्रस्ताव आढ़तियों ने पास किया है। श्री जरेट ने कहा कि इससे पहले इन मंडियों में यह माल सेब के चार ग्रेड के साथ ही बिकता था। उन्होंने कहा कि आढ़तियों ने यदि इस माल में 20 प्रतिशत की कटौती कर दी, तो प्रदेश में बागबानों को करोड़ों का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष सेब की तीन करोड़ पेटियों का अनुमान लगा रही है, यदि यह आंकड़ा सही रहता है, तो तीन करोड़ में लगभग 90 लाख पेटी सेब पितू होगा, जिसका सही दाम न मिलने पर बागबानों को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को आढ़तियों द्वारा की जा रही मनमानी को रोकना चाहिए। बागबानों ने खासतौर से बागबानी मंत्री विद्या स्टोक्स से आग्रह किया है कि वह खुद सेब बहुल क्षेत्र से हैं और बागबान हैं, उनको बागबान के साथ हो रहे अन्याय को रोकना चाहिए। अजय जरेट ने इसके अलावा कार्टन कंपनियों द्वारा कार्टन के दाम में लगातार की जा रही बढ़ोतरी को भी वापस लिए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि साल दर साल कार्टन कंपनियां मनमाने रेट बढ़ाकर बागबानों को लूट रही हैं, जिससे कि बागबान का अधिकतर पैसा सेब को तैयार करने तथा मार्केट तक पहुंचाने में लग रहा है। बागबानों ने मांग की है कि सरकार इन कार्टन कंपनियों पर भी लगाम कसे, जिससे बागबानों को लुटने से बचाया जा सके।







source: DivyaHimachal

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